मुजफ्फरपुर में तीन बच्चों सहित एक महिला की सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है। चारों के शव गुरुवार को लकड़ी ढाई पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी किनारे दुपट्टे से बंधे मिले। बच्चों के चेहरे पर बालू लगा था। शव पानी में फूला हाेने से आशंका है कि लापता हाेने के दिन ही हत्या कर शव नदी में फेंक दिए गए थे। छह दिन पहले घर से मार्केट जाने के दाैरान ऑटो ड्राइवर कृष्ण मोहन की पत्नी ममता देवी (22) तीन बच्चों आदित्य कुमार (6), अंकुश कुमार (4) और कृति कुमारी (2) के साथ लापता हाे गई थी। अहियापुर थाने में पति कृष्ण मोहन कुमार ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को शक है कि प्रेम-प्रसंग को लेकर ये सामूहिक हत्या की गई है। पुलिस को आशंका है कि ऑटो ड्राइवर और उसकी पत्नी दोनों का अलग-अलग प्रेम संबंध चल रहा था। पुलिस ने औराई से अपहरण के एक आरोपी अमोद को उठाया है। वहीं, अररिया के सिंगर मासूम दीवाना की तलाश कर रही है। कृष्ण मोहन और उसकी भाभी और एक अन्य से भी पूछताछ की गई। ममता और बच्चों के लापता होने के बाद कृष्ण मोहन की भाभी और अपहरण के आरोपी के बीच फोन पर कई बार बातचीत भी हुई है। पुलिस को इसका ऑडियो क्लिप मिल गया है। अब सिलसिलेवार ढंग से समझिए वारदात की कहानी 7 साल पहले हुई थी ममता की शादी ममता देवी और कृष्ण मोहन की शादी 7 साल पहले 2019 में हुई थी। दोनों अहियापुर में किराए के मकान में रहते थे। दोनों के 3 बच्चे हैं। इसमें 2 बेटे और 1 बेटी है। महिला का पति ऑटो ड्राइवर है। 10 जनवरी को महिला अपने घर से बच्चों के साथ गायब हो गई थी। आसपास के लोगों की माने तो महिला की किसी से अफेयर चल रहा था। 10 जनवरी को वो उसी के साथ भाग गई थी। 12 जनवरी को महिला के बॉयफ्रेंड ने पति को फोन कर कहा कि हम लोग एक दूसरे से शादी करने वाले हैं। हमें ढूंढने की कोशिश मत करो। इसके बाद पति ने 12 जनवरी को ही पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की। ऑडियो से खुल सकता है सामूहिक हत्या का राज ममता की भाभी और अपहरण के आरोपी आमोद के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस काे मिली है। दरअसल, ममता के बच्चों के साथ लापता हाेने के बाद जब अज्ञात नंबर से कॉल आई ताे ममता की भाभी ने उस नंबर पर कई बार बातचीत की।पुलिस काे ममता के पति कृष्णमाेहन, उसकी भाभी औ अपहरण के आरोपी अमोद पर शक है। अब जानिए ममता के पति ने पुलिस को क्या कहानी बताई ममता के पति कृष्ण मोहन का कहना है कि वो अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था। 10 जनवरी की दोपहर ममता ने मुझे कॉल किया और पूछा का खाना खाने आइएगा। लेकिन मैं उस वक्त नेऊर में था, इसलिए मैंने कहा कि नहीं। शाम में घर आऊंगा। जब मैं काम निपटाकर घर लौटा तो ममता और बच्चे घर पर नहीं थे। मैंने अपने मां से पूछा कि ममता कहां है। मां ने कहा कि वो बच्चों के साथ बाजार निकली है। मैंने सोचा उसके नंबर पर फोन करके पूछ लूं वो कब तक लौटेगी। लेकिन ममता मोबाइल घर पर ही छोड़कर गई थी। उसके बाद मैंने रिश्तेदारों और ससुराल वालों को फोन करना शुरू किया। लेकिन ममता का कहीं कुछ पता नहीं चला। मैं फिर ससुराल चला गया और वहीं रुक गया। इस दौरान 10 और 11 जनवरी के अहले सुबह 3 बजे मेरे मोबाइल से कॉल आया, मैं फोन नहीं उठाया। फिर सुबह मैंने उस नंबर पर दूसरे नंबर से कॉल किया। फोन उठाने वाले ने कहा कि तुम्हारी पत्नी और बच्चे किडनैप हो गए हैं। मैं उससे शादी करना चाहता हूं। तुम्हारा तीन बच्चा है न? हम 15 दिन बात तुम्हारी पत्नी को लौटा देंगे। कृष्ण मोहन ने पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। उसके बाद उसने 12 जनवरी को मुजफ्फरपुर लौट कर अहियापुर थाने में फिर से शिकायत की, लेकिन पुलिस मामला को सुलझा पाती उससे पहले 15 जनवरी को ममता और उसके 3 बच्चों की लाश बरामद हो गई। अब जानिए किस हाल में मिली चारों की बॉडी मां और तीनों बच्चों की बॉडी नदी के किनारे थी। पुल से जा रहे लोगों ने देखा इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। चारों की बॉडी पीले रंग के दुपट्टे से बंधी हुई थी। सभी ने स्वेटर पहन रखा था। सिर पर टोपी थी। पैरों में मौजे थे। महिला के पैर में पायल और कान में ईयरिंग भी दिखाई दे रही है। सबसे पहले मां का शव था इसके बाद 7 साल के आदित्य का आखिर में कृति और अंकुश की बॉडी थी। कृति को छोड़कर बाकी सभी के चेहरों पर बालू लगी थी। SSP ने कहा, ‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत डूबने से हुई है या उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है। पुलिस हर संभावित पॉइंट पर गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ सामूहिक हत्या को लेकर इन 3 एंगल पर जांच कर रही पुलिस मुजफ्फरपुर में तीन बच्चों सहित एक महिला की सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है। चारों के शव गुरुवार को लकड़ी ढाई पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी किनारे दुपट्टे से बंधे मिले। बच्चों के चेहरे पर बालू लगा था। शव पानी में फूला हाेने से आशंका है कि लापता हाेने के दिन ही हत्या कर शव नदी में फेंक दिए गए थे। छह दिन पहले घर से मार्केट जाने के दाैरान ऑटो ड्राइवर कृष्ण मोहन की पत्नी ममता देवी (22) तीन बच्चों आदित्य कुमार (6), अंकुश कुमार (4) और कृति कुमारी (2) के साथ लापता हाे गई थी। अहियापुर थाने में पति कृष्ण मोहन कुमार ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को शक है कि प्रेम-प्रसंग को लेकर ये सामूहिक हत्या की गई है। पुलिस को आशंका है कि ऑटो ड्राइवर और उसकी पत्नी दोनों का अलग-अलग प्रेम संबंध चल रहा था। पुलिस ने औराई से अपहरण के एक आरोपी अमोद को उठाया है। वहीं, अररिया के सिंगर मासूम दीवाना की तलाश कर रही है। कृष्ण मोहन और उसकी भाभी और एक अन्य से भी पूछताछ की गई। ममता और बच्चों के लापता होने के बाद कृष्ण मोहन की भाभी और अपहरण के आरोपी के बीच फोन पर कई बार बातचीत भी हुई है। पुलिस को इसका ऑडियो क्लिप मिल गया है। अब सिलसिलेवार ढंग से समझिए वारदात की कहानी 7 साल पहले हुई थी ममता की शादी ममता देवी और कृष्ण मोहन की शादी 7 साल पहले 2019 में हुई थी। दोनों अहियापुर में किराए के मकान में रहते थे। दोनों के 3 बच्चे हैं। इसमें 2 बेटे और 1 बेटी है। महिला का पति ऑटो ड्राइवर है। 10 जनवरी को महिला अपने घर से बच्चों के साथ गायब हो गई थी। आसपास के लोगों की माने तो महिला की किसी से अफेयर चल रहा था। 10 जनवरी को वो उसी के साथ भाग गई थी। 12 जनवरी को महिला के बॉयफ्रेंड ने पति को फोन कर कहा कि हम लोग एक दूसरे से शादी करने वाले हैं। हमें ढूंढने की कोशिश मत करो। इसके बाद पति ने 12 जनवरी को ही पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की। ऑडियो से खुल सकता है सामूहिक हत्या का राज ममता की भाभी और अपहरण के आरोपी आमोद के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस काे मिली है। दरअसल, ममता के बच्चों के साथ लापता हाेने के बाद जब अज्ञात नंबर से कॉल आई ताे ममता की भाभी ने उस नंबर पर कई बार बातचीत की।पुलिस काे ममता के पति कृष्णमाेहन, उसकी भाभी औ अपहरण के आरोपी अमोद पर शक है। अब जानिए ममता के पति ने पुलिस को क्या कहानी बताई ममता के पति कृष्ण मोहन का कहना है कि वो अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था। 10 जनवरी की दोपहर ममता ने मुझे कॉल किया और पूछा का खाना खाने आइएगा। लेकिन मैं उस वक्त नेऊर में था, इसलिए मैंने कहा कि नहीं। शाम में घर आऊंगा। जब मैं काम निपटाकर घर लौटा तो ममता और बच्चे घर पर नहीं थे। मैंने अपने मां से पूछा कि ममता कहां है। मां ने कहा कि वो बच्चों के साथ बाजार निकली है। मैंने सोचा उसके नंबर पर फोन करके पूछ लूं वो कब तक लौटेगी। लेकिन ममता मोबाइल घर पर ही छोड़कर गई थी। उसके बाद मैंने रिश्तेदारों और ससुराल वालों को फोन करना शुरू किया। लेकिन ममता का कहीं कुछ पता नहीं चला। मैं फिर ससुराल चला गया और वहीं रुक गया। इस दौरान 10 और 11 जनवरी के अहले सुबह 3 बजे मेरे मोबाइल से कॉल आया, मैं फोन नहीं उठाया। फिर सुबह मैंने उस नंबर पर दूसरे नंबर से कॉल किया। फोन उठाने वाले ने कहा कि तुम्हारी पत्नी और बच्चे किडनैप हो गए हैं। मैं उससे शादी करना चाहता हूं। तुम्हारा तीन बच्चा है न? हम 15 दिन बात तुम्हारी पत्नी को लौटा देंगे। कृष्ण मोहन ने पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। उसके बाद उसने 12 जनवरी को मुजफ्फरपुर लौट कर अहियापुर थाने में फिर से शिकायत की, लेकिन पुलिस मामला को सुलझा पाती उससे पहले 15 जनवरी को ममता और उसके 3 बच्चों की लाश बरामद हो गई। अब जानिए किस हाल में मिली चारों की बॉडी मां और तीनों बच्चों की बॉडी नदी के किनारे थी। पुल से जा रहे लोगों ने देखा इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। चारों की बॉडी पीले रंग के दुपट्टे से बंधी हुई थी। सभी ने स्वेटर पहन रखा था। सिर पर टोपी थी। पैरों में मौजे थे। महिला के पैर में पायल और कान में ईयरिंग भी दिखाई दे रही है। सबसे पहले मां का शव था इसके बाद 7 साल के आदित्य का आखिर में कृति और अंकुश की बॉडी थी। कृति को छोड़कर बाकी सभी के चेहरों पर बालू लगी थी। SSP ने कहा, ‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत डूबने से हुई है या उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है। पुलिस हर संभावित पॉइंट पर गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ सामूहिक हत्या को लेकर इन 3 एंगल पर जांच कर रही पुलिस


