उदयपुर में मेवाड़ा कलाल समाज का सामूहिक विवाह:19 जोड़े हमसफर बने, मात्र 1 रुपए के शगुन में संपन्न हुईं शादियां

उदयपुर में मेवाड़ा कलाल समाज का सामूहिक विवाह:19 जोड़े हमसफर बने, मात्र 1 रुपए के शगुन में संपन्न हुईं शादियां

उदयपुर में चौधरी मेवाड़ा कलाल समाज सेवा संस्थान ने एक नई मिसाल पेश की है। संस्थान की ओर से शनिवार को पहला भव्य और पूरी तरह फ्री (निःशुल्क) 21वां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रतापनगर के सत्यनाम फार्म में हुए इस कार्यक्रम में 19 जोड़े एक-दूसरे के हमसफर बने। इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि सभी शादियां मात्र 1 रुपए के शगुन में पूरी की गईं। घोड़ों पर सवार होकर निकले दूल्हे
समाज के प्रवक्ता शैलेंद्र चौधरी (खेमली) ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत बहुत ही शानदार तरीके से हुई। नाकोडानगर के माउंट व्यू स्कूल के सामने से एक बड़ी शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सभी 19 दूल्हे घोड़ों पर सवार थे, वहीं दुल्हनें सुंदर बग्घियों में बैठकर विवाह स्थल तक पहुंचीं। रास्ते भर समाज के लोगों ने नाच-गाकर खुशियां मनाईं। विवाह स्थल पर सभी दुल्हनों ने एक साथ तोरण की रस्म पूरी की, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। एमपी और गुजरात से भी आए मेहमान
इस सामूहिक विवाह में केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात से भी बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। उदयपुर शहर के अलावा लसाड़िया, कुराबड़, भींडर, गोगुंदा और राजसमंद जैसी जगहों से आए परिवारों के लिए रुकने और खाने-पीने के बढ़िया इंतजाम किए गए थे।
गरीब परिवारों के लिए बड़ी मदद
संस्थान के अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने बताया कि यह समाज का पहला ऐसा आयोजन था जो पूरी तरह फ्री रखा गया। इसका मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में एकता बढ़ती है और फालतू के खर्चों पर लगाम लगती है। खाने, रुकने और पानी जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस आयोजन को यादगार बनाया।

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