किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 21 फरवरी को पंजाब के जिला केंद्रों पर शहीदी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली आंदोलन-2 के दौरान भाजपा की गोली से जान गंवाने वाले शुभकरण सिंह बल्लो समेत सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस अवसर पर मोगा जिले की अनाज मंडी में हजारों किसान, मजदूर और महिलाएं इस समागम में शामिल होंगे। बता दे कि शहीदी समागम की तैयारियों को लेकर मोगा जिले के कोट ईसे खां के गुरुद्वारे में निहंग सिंह छावनी में एक बैठक हुई। इसमें किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य नेता सतनाम सिंह पन्नू, राज्य महासचिव राणा रणबीर सिंह, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के जगमोहन सिंह, भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के राज्य नेता लखवीर सिंह दौधर और भारतीय किसान यूनियन बहिरामके के कार्यकारी सदस्य तोता सिंह शामिल हुए। शहीदी समागम की सभी तैयारियां पूरी नेताओं ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि शहीदी समागम की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि किसान आंदोलन के शहीदों की कुर्बानियों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिकी साम्राज्य के आगे झुककर कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में फैसले लेने का आरोप लगाया। देश में बड़ा जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारी नेताओं ने घोषणा की कि इन फैसलों के खिलाफ पूरे देश में एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहीदी कॉन्फ्रेंस में कई प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख मांगें शामिल हैं। इनमें अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील को तुरंत रद्द करना शामिल है, जिसे किसान नेताओं ने किसानों और मजदूरों के लिए ‘डेथ वारंट’ बताया। कई मांगों पर जल्द समाधान की मांग इसके अतिरिक्त, बिजली संशोधन बिल 2025 का मसौदा और बीज एक्ट 2025 को तुरंत रद्द करने की मांग की जाएगी। वहीं अन्य मांगों में चार लेबर कोड और ‘एक देश, एक लैंड रिकॉर्ड’ को रद्द करना शामिल है। पंजाब सरकार से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर ट्रॉलियों व अन्य सामान की चोरी के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है। फसलों का मुआवजा देने की मांग मोर्चे के शहीदों और घायलों के परिवारों को मुआवजा देने के साथ-साथ बाढ़ से फसलों और घरों को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देने की भी मांग की गई है।इस बैठक में रणजीत सिंह निधा वाला, बलजिंदर सिंह किशनपुरा, गुरमेल सिंह लोहगढ़ और सोहन सिंह जैसे अन्य नेता भी मौजूद थे।


