बेतिया में सरस्वती पूजा के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर शुक्रवार को सभी थानों में दंगा नियंत्रण टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का उद्देश्य पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी, कर्मी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस गठित दंगा नियंत्रण टीमों में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मियों को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है। उन्हें हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, चेस्ट गार्ड और लाठी जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या दंगा जैसी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यह टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी और सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और जुलूस मार्गों पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया है। पूजा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे पूजा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया गया है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। बेतिया में सरस्वती पूजा के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर शुक्रवार को सभी थानों में दंगा नियंत्रण टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का उद्देश्य पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी, कर्मी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस गठित दंगा नियंत्रण टीमों में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मियों को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है। उन्हें हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, चेस्ट गार्ड और लाठी जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या दंगा जैसी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यह टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी और सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और जुलूस मार्गों पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया है। पूजा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे पूजा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने का आग्रह किया गया है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।


