MP के इस शहर का बदलेगा ‘नक्शा’, सीमा से जुड़ेंगे 62 गांव, मास्टर प्लान तैयार

MP के इस शहर का बदलेगा ‘नक्शा’, सीमा से जुड़ेंगे 62 गांव, मास्टर प्लान तैयार

City Boundary Expansion: शहर का चौथा डिजिटल मास्टर प्लान शीघ्र लागू होने की दिशा में है। इसके लिए शासन की अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही मास्टर प्लान का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह मास्टर प्लान 2047 (Master Plan 2047) तक के लिए प्रभावी रहेगा और विजन-2047 को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत जबलपुर का निवेश क्षेत्र बड़े पैमाने पर विस्तारित होगा। (MP News)

शहर का दायरा बढ़कर होगा 412 वर्ग किमी

वर्तमान में करीब 245 वर्ग किलोमीटर में फैला नगर क्षेत्र बढ़कर लगभग 412 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। इसके साथ ही शहर की चारों ओर की परिधि 20 से 25 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। पहले जहां 109 गांव निवेश सीमा में शामिल थे, वहीं 62 नए गांव जोड़े जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 171 हो जाएगी। निवेश क्षेत्र के विस्तार के साथ 112 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिससे जबलपुर को महानगरीय स्वरूप मिलने की संभावना है।

1-1 किलोमीटर की दूरी पर मेजर रोड और सेक्टर रोड

सूत्रों के अनुसार, मास्टर प्लान में रोड नेटवर्क के विस्तार, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 1-1 किलोमीटर की दूरी पर बौड़ी मेजर रोड और सेक्टर रोड विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि रिंग रोड से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित किया जा सके। तिलहरी-बिलहरी क्षेत्र को सीधे रिंग रोड से जोड़ने की भी योजना है।

फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव

शहर की जटिल ट्रैफिक समस्या को देखते हुए अधारताल, घमापुर और पेंटीनाका जैसे प्रमुख जंक्शनों पर फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। इसके अलावा, एम्पायर टॉकीज से गौरीघाट तक रोप-वे निर्माण का सुझाव है, जिससे मां नर्मदा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। दूसरा रोप-वे सिविक सेंटर से बल्देवबाग-दमोहनाका होते हुए अधारताल तक प्रस्तावित है।

पर्यावरण संतुलन पर फोकस

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर भी मास्टर प्लान में विशेष प्रावधान किए गए हैं। निवेश क्षेत्र में आने वाले तालाबों, नदियों के तट हरित क्षेत्रों और पहाड़ियों के प्राकृतिक स्वरूप को यथावत रखने के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। इस संबंध में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात पाराशर ने कहा कि निवेश सीमा के विस्तार से विकास की नई राह खुलेगी। जबलपुर को कनेक्टिंग सड़कों और यातायात व्यवस्था की जरूरत है। (MP News)

अब तक नगर के मास्टर प्लान

  • 1980 से 1991 पहला मास्टर प्लान
  • 1998 से 2005 दूसरा मास्टर प्लान
  • 2008 से 2021 तीसरा मास्टर प्लान
  • 2020 में चौथे मास्टर प्लान के लिए शुरू हो गई थी कवायद
  • 2047 तक के लिए रहेगा चौथा मास्टर प्लान

नए नजर में

  • 245 वर्ग किमी था शहर का क्षेत्रफल।
  • 412 किलोमीटर हो जाएगा नगर का क्षेत्रफल।
  • 20-25 किलोमीटर की परिधि हो जाएगी।

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