मधुबनी में प्रतिबंधित दवाएं जब्त, कई दुकानें सील:डीएम के निर्देश पर जिलेभर में चला जांच अभियान

मधुबनी में प्रतिबंधित दवाएं जब्त, कई दुकानें सील:डीएम के निर्देश पर जिलेभर में चला जांच अभियान

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर सोमवार को जिले के सभी अनुमंडलों में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों, विशेषकर “सूखे नशे” के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। जांच के दौरान, कई दवा दुकानदारों द्वारा नशीली दवाओं की खरीद से संबंधित वैध बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। ऐसी दवाओं को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, कई दवा दुकानें बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई गईं, जिन्हें सील कर दिया गया। यह अभियान सभी अनुमंडलों में एसडीओ और डीएसपी के नेतृत्व में दवा दुकानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों के आसपास की चाय-पान दुकानों और विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित दवा दुकानों पर केंद्रित था। एसडीओ सदर चंदन कुमार झा ने मधुबनी शहर के कोतवाली चौक स्थित एक ड्रग एजेंसी और लोहट, पंडौल स्थित दुकानों की जांच की। यहां कोरेक्स सिरप, फेंसेडिल सिरप सहित अन्य नशीली दवाएं बिना वैध खरीद-विपत्र के मिलीं, जिन्हें जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। ड्रग इंस्पेक्टर ने मधेपुर बस स्टैंड के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच की, जिसका लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था। इस दुकान को सीज कर दिया गया। बेनीपट्टी अनुमंडल में एसडीओ शारंग पानी पांडेय और एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में हरलाखी प्रखंड के हरिने गांव में अवैध रूप से संचालित एक दवा दुकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। जयनगर अनुमंडल में एसडीओ दीपक कुमार के नेतृत्व में जयनगर रेलवे मार्केट में जांच की गई। यहां डायलोना, एनाफोर्टन टैबलेट और अन्य सिरप दवाओं की भारी मात्रा मिली, जिनके क्रय से संबंधित कोई वैध बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। इन दवाओं को जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। एसडीओ फुलपरास के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस ने लौकही प्रखंड के बजरंग चौक के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच की। इस दुकान में लाइसेंस के अनुरूप दवाओं की बिक्री नहीं हो रही थी और शेड्यूल-एच श्रेणी की दवाओं का अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिसके बाद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर सोमवार को जिले के सभी अनुमंडलों में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों, विशेषकर “सूखे नशे” के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। जांच के दौरान, कई दवा दुकानदारों द्वारा नशीली दवाओं की खरीद से संबंधित वैध बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। ऐसी दवाओं को जब्त कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, कई दवा दुकानें बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई गईं, जिन्हें सील कर दिया गया। यह अभियान सभी अनुमंडलों में एसडीओ और डीएसपी के नेतृत्व में दवा दुकानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों के आसपास की चाय-पान दुकानों और विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित दवा दुकानों पर केंद्रित था। एसडीओ सदर चंदन कुमार झा ने मधुबनी शहर के कोतवाली चौक स्थित एक ड्रग एजेंसी और लोहट, पंडौल स्थित दुकानों की जांच की। यहां कोरेक्स सिरप, फेंसेडिल सिरप सहित अन्य नशीली दवाएं बिना वैध खरीद-विपत्र के मिलीं, जिन्हें जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। ड्रग इंस्पेक्टर ने मधेपुर बस स्टैंड के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच की, जिसका लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका था। इस दुकान को सीज कर दिया गया। बेनीपट्टी अनुमंडल में एसडीओ शारंग पानी पांडेय और एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में हरलाखी प्रखंड के हरिने गांव में अवैध रूप से संचालित एक दवा दुकान को जब्त करने की कार्रवाई की गई। जयनगर अनुमंडल में एसडीओ दीपक कुमार के नेतृत्व में जयनगर रेलवे मार्केट में जांच की गई। यहां डायलोना, एनाफोर्टन टैबलेट और अन्य सिरप दवाओं की भारी मात्रा मिली, जिनके क्रय से संबंधित कोई वैध बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। इन दवाओं को जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। एसडीओ फुलपरास के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस ने लौकही प्रखंड के बजरंग चौक के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर की जांच की। इस दुकान में लाइसेंस के अनुरूप दवाओं की बिक्री नहीं हो रही थी और शेड्यूल-एच श्रेणी की दवाओं का अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिसके बाद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।  

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