लखनऊ के ऐफ़ेल क्लब में वरिष्ठ लेखिका सुषमा श्रीवास्तव की राम कथा पर आधारित कृति ‘रामहि राम’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री सम्मानित साहित्यकार डॉ.विद्याविंदु सिंह, हरिशंकर मिश्र, महेश चंद्र द्विवेदी और सुमोना पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कृति की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार अलका प्रमोद ने की। अतिथियों ने कृति ‘रामहि राम’ को श्रीराम के प्रति आस्था, विश्वास और समर्पण की सहज अभिव्यक्ति बताया। वक्ताओं ने कहा कि लेखिका ने अपनी रचना में लोक जीवन और अध्यात्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया है। कृति में राम के प्राकट्य के विभिन्न आयामों पर भी विस्तार से बताया। समीक्षक ने इसे भक्ति, ज्ञान, मनोविज्ञान और सामाजिक विमर्श से समृद्ध रचना बताया। साहित्यप्रेमियों ने कृति पर अपने विचार साझा किए कार्यक्रम के अंत में प्रकाशक नवीन शुक्ल ने आभार व्यक्त किया। वाणी वंदना जिज्ञासा सिंह ने प्रस्तुत की, जबकि काव्य रचना की संगीतमय प्रस्तुति इला सिंह ने दी। इस अवसर पर साहित्यप्रेमियों ने कृति पर अपने विचार साझा किए और अतिथियों को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया। लेखिका के पुत्र विवेक श्रीवास्तव, जिन्होंने पुस्तक का मुखपृष्ठ चित्रित किया है, सहित परिवारजन और कई साहित्यकार इस समारोह में उपस्थित रहे। इस साहित्यिक कार्यक्रम ने शहर के साहित्य जगत को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।


