साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच कर रही एसआईटी को अहम जानकारी मिली है। जांच के दौरान पूछताछ में कंपाउंडर देवी सिंह ने स्वीकार किया है कि उसने साध्वी को केवल एक नहीं, बल्कि एक से अधिक इंजेक्शन लगाए थे। मामले की जांच कर रही एसआईटी की प्रमुख एसीपी वेस्ट छवि शर्मा ने बताया कि कंपाउंडर ने डेक्सोना इंजेक्शन के साथ-साथ अन्य इंजेक्शन देने की बात भी कही है। हालांकि, इन इंजेक्शनों की दवाओं के नाम, उनकी प्रकृति और मात्रा को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच जारी है। साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत को लेकर जांच लगातार तेज की जा रही है और एसआईटी हर पहलू को खंगाल रही है। एसआईटी का कहना है कि इस मामले से जुड़ा हर व्यक्ति फिलहाल शक के दायरे में है और किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। आश्रम से जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों की हो रही जांच मामले की जांच को व्यापक दायरे में ले जाकर हर संभावित पहलू पर फोकस किया जा रहा है। एसआईटी की जांच सिर्फ मेडिकल एंगल तक सीमित नहीं है। आश्रम से जुड़े सभी बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही आश्रम से जुड़े व्यक्तियों के व्यक्तिगत खातों की भी गहन पड़ताल की जा रही है, जिससे किसी तरह के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया जा सके। फिलहाल एसआईटी मेडिकल, आर्थिक और परिस्थितिजन्य सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को इस पूरे केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। मामले को लेकर कंपाउंडर को दिया नोटिस एसआईटी ने कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित नोटिस दिया है। उसकी नर्सिंग डिग्री और उससे जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनकी डिग्री सही है या नहीं, और क्या उन्हें इंजेक्शन देने का अधिकार था या नहीं। नोटिस में देवी सिंह से यह भी पूछा गया है कि उन्होंने कौन सी दवाएं दीं, कितनी मात्रा में दीं और दवाएं कहां से लाई गई थीं। उनके मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही साध्वी की मेडिकल हिस्ट्री भी जांची जा रही है। अस्पताल को भी जारी किया नोटिस एसआईटी ने प्रेक्षा अस्पताल को नोटिस जारी किया है। अस्पताल से इलाज से जुड़े सभी कागजात, मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड और घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज मांगा गया है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल किस हालत में लाया गया था और वहां पहुंचने के बाद क्या -क्या हुआ था। आश्रम के बाहर मिली दवा की सीसी जांच में आश्रम के बाहर से अस्थालाइन दवा की दो सीसी बरामद हुई हैं। अस्थालाइन आमतौर पर सांस की तकलीफ और अस्थमा के मरीजों को दी जाती है। ऐसे में अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या साध्वी प्रेम बाईसा अस्थमा से पीड़ित थीं। यदि उन्हें अस्थमा की समस्या थी, तो उन्हें डेक्सोना इंजेक्शन किस हालात में और कितनी मात्रा मे लगाया गया। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यानमें रखते हुए जांच आगे बढ़भ रही है।


