मणिशंकर अय्यर बोले- राहुल इंडी अलायंस का नेतृत्व छोड़ें:ममता बनर्जी गठबंधन की लीडर, उनके बिना यह कुछ नहीं

मणिशंकर अय्यर बोले- राहुल इंडी अलायंस का नेतृत्व छोड़ें:ममता बनर्जी गठबंधन की लीडर, उनके बिना यह कुछ नहीं

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कोलकाता में कहा कि ममता दीदी के बिना, INDIA गठबंधन का ‘I’, ‘N’, ‘D’, ‘I’, ‘A’ खत्म हो जाएगा। क्योंकि ममता बनर्जी इस गठबंधन की लीडर हैं। उनके साथ, दो-चार और लोग हैं जो यह जगह पा सकते हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधी को गठबंधन का नेतृत्व करने की बजाय छोटी पार्टियों को मौका देना चाहिए। फिर चाहे वह स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों, या कोई और राहुल गांधी को इन लोगों को जिम्मेदारी देनी चाहिए। अय्यर बोले- मैं ममता का राइट हैंडमैन था मणिशंकर अय्यर ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के CM ममता बनर्जी का समर्थन करने पर कहा, ‘मैं खुद TMC में ममता दी का पहला नेशनल सेक्रेटरी था। मैं दिसंबर 1997 के आखिर में यहां पार्टी में शामिल हुआ था। लेकिन तीन हफ्ते के अंदर ही मुझे एहसास हो गया कि यह पार्टी बंगालियों की है और मैं बंगाली नहीं हूं। तो फिर मैं वहां क्या करता? इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी, लेकिन तीन हफ्ते तक मैं ममता दी का राइट-हैंड मैन था जब उन्होंने यह पार्टी बनाई।’ अय्यर का 6 दिनों में राहुल के खिलाफ दूसरा बयान… 16 फरवरी: अय्यर बोले- मैं गांधियन-राजीवियन हूं, राहुलियन नहीं कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह गांधियन, नेहरूवियन और राजीवियन हैं, लेकिन ‘राहुलियन’ नहीं हैं। मणिशंकर ने अपने पुराने बयान पर विवाद को स्पष्ट करते हुए कहा- राहुल गांधी मुझसे करीब 30 साल छोटे हैं। मुझे उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं खुद को राहुलवादी कैसे कह सकता हूं? अय्यर की ये टिप्पणियां कांग्रेस के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच आई हैं। विवाद की शुरुआत 16 फरवरी को हुई जब उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए एमके स्टालिन सबसे सही नेता हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… मणिशंकर बोले- राजीव 2 बार फेल होने के बावजूद पीएम बने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की शिक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘आश्चर्य है इतने कमजोर एजुकेशन रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री कैसे बनाया गया।’ पूरी खबर पढ़ें…

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