भागलपुर में गोड्डा सांसद और भाजपा नेता निशिकांत दुबे पहुंचे। इन्होंने कहा कि जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। लालू यादव के कारण 1990 से 2005 तक बिहार ने जंगलराज देखा और 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने क्या किया, यह पूरा देश जानता है। निशिकांत दुबे ने कहा कि जंगलराज के कारण बिहार की जनता को डर था कि कहीं उसकी वापसी न हो जाए, लेकिन नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जीत ने उस आशंका को खत्म किया। लालू परिवार संकट से उबरा ही कब था। पाप का घड़ा एक दिन जरूर फूटता है और लालू परिवार में जो अच्छे लोग हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के परिवार को तोड़ने वालों का अपना परिवार आज बिखर रहा है। आज भी चाहते हैं कि सब एक हो जाएं, लेकिन कर्मों का फल तो भुगतना ही पड़ता है। पार्टी में अनुशासन से बढ़कर कुछ नहीं जदयू नेता केसी त्यागी को पार्टी से हटाए जाने की चर्चा पर निशिकांत दुबे ने कहा कि पार्टी में अनुशासन से बढ़कर कुछ नहीं होता। कोई भी नेता पार्टी अनुशासन से ऊपर नहीं है। केसी त्यागी जदयू में प्रवक्ता थे और भाजपा ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को हटाने में संकोच नहीं किया। बलराज मधोक का उदाहरण देते हुए निशिकांत ने कहा कि पार्टी हित सर्वोपरि होता है। बांग्लादेश भारत से टकराव की स्थिति में है और वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। ऐसे में वोट बैंक की राजनीति के तहत बांग्लादेशियों को स्वीकार करना गलत है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि वह ईडी से नहीं, बल्कि अपनी सीडी से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि वह सीडी इतनी खतरनाक है कि ममता बनर्जी का पूरा राजनीतिक करियर खत्म कर सकता है। जिन्हें यह तक पता नहीं कि ईडी गृह मंत्रालय के नहीं बल्कि वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आती है, उनसे गंभीर चर्चा की कोई आवश्यकता नहीं है। भागलपुर में गोड्डा सांसद और भाजपा नेता निशिकांत दुबे पहुंचे। इन्होंने कहा कि जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। लालू यादव के कारण 1990 से 2005 तक बिहार ने जंगलराज देखा और 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने क्या किया, यह पूरा देश जानता है। निशिकांत दुबे ने कहा कि जंगलराज के कारण बिहार की जनता को डर था कि कहीं उसकी वापसी न हो जाए, लेकिन नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जीत ने उस आशंका को खत्म किया। लालू परिवार संकट से उबरा ही कब था। पाप का घड़ा एक दिन जरूर फूटता है और लालू परिवार में जो अच्छे लोग हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के परिवार को तोड़ने वालों का अपना परिवार आज बिखर रहा है। आज भी चाहते हैं कि सब एक हो जाएं, लेकिन कर्मों का फल तो भुगतना ही पड़ता है। पार्टी में अनुशासन से बढ़कर कुछ नहीं जदयू नेता केसी त्यागी को पार्टी से हटाए जाने की चर्चा पर निशिकांत दुबे ने कहा कि पार्टी में अनुशासन से बढ़कर कुछ नहीं होता। कोई भी नेता पार्टी अनुशासन से ऊपर नहीं है। केसी त्यागी जदयू में प्रवक्ता थे और भाजपा ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को हटाने में संकोच नहीं किया। बलराज मधोक का उदाहरण देते हुए निशिकांत ने कहा कि पार्टी हित सर्वोपरि होता है। बांग्लादेश भारत से टकराव की स्थिति में है और वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। ऐसे में वोट बैंक की राजनीति के तहत बांग्लादेशियों को स्वीकार करना गलत है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि वह ईडी से नहीं, बल्कि अपनी सीडी से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि वह सीडी इतनी खतरनाक है कि ममता बनर्जी का पूरा राजनीतिक करियर खत्म कर सकता है। जिन्हें यह तक पता नहीं कि ईडी गृह मंत्रालय के नहीं बल्कि वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आती है, उनसे गंभीर चर्चा की कोई आवश्यकता नहीं है।


