पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को बिहार में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि ममता बनर्जी की मौजूदा स्थिति हार से पहले की घबराहट को दर्शाती है। हालिया घटनाक्रम में मुख्यमंत्री का व्यवहार पूरी तरह बदहवास और चिंतित नजर आया। छापेमारी के दौरान खुद मुख्यमंत्री और उनके पुलिस अधिकारी जांच एजेंसी के कार्य में बाधा बनते दिखे। मौके से कुछ फाइलें लेकर निकलते हुए लोग नजर आए, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या था, जिसे छिपाने की जरूरत महसूस हुई। फाइल लेकर भागने का मतलब साफ है कि उसमें कुछ न कुछ गड़बड़ी जरूर थी। ममता सरकार अपनी विफलताओं और कथित गलत कार्यों को छिपाने के लिए इस तरह की हरकतें कर रही है। ममता सरकार की नाकामी के कारण बांग्लादेशी और रोहिंग्या बंगाल के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बंगाल की जनता चुनाव में करारा जबाव देगी संजय सरावगी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब ममता सरकार के खिलाफ हो चुकी है। सरकार की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संवेदनशील मुद्दों पर सरकार के रवैये को जनता समझ रही है और इसका जवाब आगामी चुनाव में मिलेगा। ममता बनर्जी की पराजय तय है। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को बिहार में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि ममता बनर्जी की मौजूदा स्थिति हार से पहले की घबराहट को दर्शाती है। हालिया घटनाक्रम में मुख्यमंत्री का व्यवहार पूरी तरह बदहवास और चिंतित नजर आया। छापेमारी के दौरान खुद मुख्यमंत्री और उनके पुलिस अधिकारी जांच एजेंसी के कार्य में बाधा बनते दिखे। मौके से कुछ फाइलें लेकर निकलते हुए लोग नजर आए, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या था, जिसे छिपाने की जरूरत महसूस हुई। फाइल लेकर भागने का मतलब साफ है कि उसमें कुछ न कुछ गड़बड़ी जरूर थी। ममता सरकार अपनी विफलताओं और कथित गलत कार्यों को छिपाने के लिए इस तरह की हरकतें कर रही है। ममता सरकार की नाकामी के कारण बांग्लादेशी और रोहिंग्या बंगाल के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बंगाल की जनता चुनाव में करारा जबाव देगी संजय सरावगी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब ममता सरकार के खिलाफ हो चुकी है। सरकार की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संवेदनशील मुद्दों पर सरकार के रवैये को जनता समझ रही है और इसका जवाब आगामी चुनाव में मिलेगा। ममता बनर्जी की पराजय तय है।


