महिला दिवस की पूर्व संध्या पर एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे देश के 140 करोड़ लोगों का सम्मान प्रभावित किया है।
राष्ट्रपति के स्वागत में चूक का आरोप
कोयंबत्तूर में आयोजित एक कार्यक्रम में वानती श्रीनिवासन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में संथाल आदिवासी सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और राज्य सरकार के किसी भी मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत नहीं किया। श्रीनिवासन के अनुसार, सरकार ने कार्यक्रम की जगह भी अंतिम समय में बदलकर अपेक्षाकृत छोटी जगह तय कर दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बदलाव को लेकर नाराजगी भी जताई।
सार्वजनिक माफी की मांग
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि ममता बनर्जी ने जानबूझकर आदिवासी समुदाय की पहली महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। श्रीनिवासन ने मांग की है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और आदिवासी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति देश के मुखिया और पहले नागरिक होते हैं, ऐसे में उनके सम्मान की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है।
सुरक्षा और कार्यक्रम स्थल में बदलाव पर चिंता
वानती श्रीनिवासन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में चूक और कार्यक्रम के स्थान में बदलाव, देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह की घटनाएं संविधान और देश के सर्वोच्च पद का सम्मान गिराने का काम करती हैं।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब सभी की निगाहें ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से उठाई गई मांग ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।



