भोपाल के भानपुर इलाके में रहने वाले मेल नर्स ने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लेकर सुसाइड कर लिया। शुक्रवार सुबह भाई ने देखने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट नहीं मिलने से खुदकुशी के सही कारण का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार दोपहर को पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। भाई के उठाने पर नहीं उठा 26 वर्षीय दुर्गेश अहिरवार पिता मोर सिंह अहिरवार मूल रूप से कुरवाई जिला विदिशा का रहने वाला था। फिलहाल भोपाल में रहकर प्राइवेट कॉलेज से बी फार्मेसी लास्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था। इसी के साथ एक प्राइवेट नर्सिंग होम में नर्सिंग जॉब भी करता था। शुक्रवार सुबह मृतक का बड़ा भाई परीक्षा देने के लिए घर से निकल रहा था। तभी उसने छोटे भाई को उठाना चाहा। कई बार आवाज देने पर भी उसके शरीर में किसी प्रकार की कोई हलचल नहीं हुई। आनन फानन में भाई उसे लेकर पास के एक अस्पताल में पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छोला थाने के सी जी एस सेंगर ने बताया कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है, जिसकी जांच कराई जाएगी। एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर सुसाइड पुलिस को मृतक के कमरे से एक इंजेक्शन और सिरिंज मिला है। जिसे जप्त कर लिया गया है। दुर्गेश ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की है। उसने यह कदम क्यों उठाया इस बात का खुलासा नहीं हो सका है। पिछले 6 सालों से भोपाल में रहकर दुर्गेश पढ़ाई कर रहा था। दुर्गेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिजन बोले कभी किसी तनाव का जिक्र नहीं किया मृतक पटेल नगर स्थित भानपुर में किराए के कमरे में रहता था। ठीक पड़ोस वाले कमरे में बहन और बहनोई रहते थे। घटना के समय बहन और बहनोई घर में मौजूद नहीं थे। परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि सुसाइड से पहले दुर्गेश ने कभी किसी परेशानी और तनाव का जिक्र नहीं किया। हालांकि पुलिस प्रेम प्रसंग सहित कार्य स्थल एवं कॉलेज में प्रताड़ना के एंगल पर जांच कर रही है।


