भारतीय बैडमिंटन के लिहाज से मलेशिया ओपन में दिन काफी अहम रहा हैं। बता दें कि पुरुष युगल में भारत की शीर्ष जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफर क्वार्टरफाइनल में ही थम गया हैं। सीजन के पहले टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद रियान अर्दिएंटो के खिलाफ सीधे गेम में 10-21, 21-23 से हार का सामना करना पड़ा हैं। मुकाबले में इंडोनेशियाई जोड़ी का दबदबा साफ दिखा और भारतीय खिलाड़ी लय हासिल नहीं कर पाए हैं।वहीं, महिलाओं के एकल वर्ग में पीवी सिंधु ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरी हैं। गौरतलब है कि क्वार्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ सिंधु ने आक्रामक शुरुआत की और पहला गेम 21-11 से जीत लिया, जिसके बाद यामागुची घुटने की चोट के कारण मैच से हट गईं हैं। महज 11 मिनट में सिंधु का सेमीफाइनल में पहुंचना उनके आत्मविश्वास और फिटनेस की मजबूत झलक देता हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार, चार महीने के ब्रेक के बाद लौट रहीं सिंधु की यह इस सीजन की सबसे ठोस शुरुआत मानी जा रही हैं। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख और सिंधु के कोच विमल कुमार ने भी भरोसा जताया हैं कि अगर वह खुद का सही ख्याल रखती रहीं, तो साल 2026 में टॉप-10 रैंकिंग में वापसी संभव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा महिला सर्किट में शीर्ष स्तर पर एक खालीपन है, जिसका फायदा अनुभवी खिलाड़ी उठा सकती हैं।गौरतलब है कि वर्तमान समय में केवल दक्षिण कोरिया की एन से यंग ही लगातार दबदबा बनाए हुए हैं, जबकि बाकी खिलाड़ी स्थिरता के लिए जूझती दिख रही हैं। सिंधु अब सेमीफाइनल में चीन की वांग ज़ी यी और इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से भिड़ेंगी हैं।कुल मिलाकर, जहां एक ओर भारतीय पुरुष युगल जोड़ी का जल्दी बाहर होना निराशाजनक रहा, वहीं सिंधु का फॉर्म में लौटना भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया हैं।
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