नालंदा प्रशासन ने आगामी मलमास मेला 2026 को लेकर कमर कस ली है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए हैं। यह पवित्र मेला 15 मई से 15 जून 2026 तक राजगीर के ब्रह्म कुंड पर आयोजित होगा, जहां देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं। सुरक्षा से लेकर सुविधा तक, हर मोर्चे पर तैयारी मेला अवधि के दौरान किसी भी श्रद्धालु या आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल, महिला पुलिस एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी के साथ-साथ CCTV कैमरों और ड्रोन से भीड़ पर सतत निगरानी रखी जाएगी तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यातायात सुगम बनाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी और पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जाएगा। श्रद्धालुओं के परिवहन के लिए निर्धारित शुल्क पर बस एवं ई-रिक्शा की सेवा उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य और आपात सेवाएं रहेंगी मुस्तैद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि मेला स्थल पर एंबुलेंस, स्ट्रेचर, मेडिकल कैंप और चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक दवाओं का पूरा स्टॉक रखा जाए। टेंट सिटी से लेकर AI काउंटर तक, आधुनिक सुविधाएं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्म कुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल, गढ़ महादेव, वैतरणी और PHED कैंपस सहित अनेक स्थानों पर वाटरप्रूफ यात्री शेड (टेंट सिटी) का निर्माण किया जाएगा। खान-पान के लिए कैंटीन, दीदी की रसोई और सस्ती रोटी काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। खोए हुए व्यक्तियों को परिजनों से मिलाने के लिए सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा AI काउंटर, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को सहायता मिलेगी। वैतरणी घाट और शाही स्नान पर विशेष ध्यान जिला पदाधिकारी ने कहा कि वैतरणी घाट की साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य हर हाल में समय से पूर्ण किया जाए। शाही स्नान के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे और प्रवेश-निकास द्वारों पर कड़ी चौकसी रखी जाएगी। ब्रह्म कुंड में प्राकृतिक जलधारा की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। मेला में उच्च-स्तरीय हाई मास्ट लाइटिंग, बैरिकेडिंग, मोबाइल शौचालय, चेंजिंग रूम, नियंत्रण कक्ष, हेल्प डेस्क एवं अग्निशमन सेवाओं की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नालंदा प्रशासन ने आगामी मलमास मेला 2026 को लेकर कमर कस ली है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए हैं। यह पवित्र मेला 15 मई से 15 जून 2026 तक राजगीर के ब्रह्म कुंड पर आयोजित होगा, जहां देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए पहुंचते हैं। सुरक्षा से लेकर सुविधा तक, हर मोर्चे पर तैयारी मेला अवधि के दौरान किसी भी श्रद्धालु या आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल, महिला पुलिस एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी के साथ-साथ CCTV कैमरों और ड्रोन से भीड़ पर सतत निगरानी रखी जाएगी तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यातायात सुगम बनाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी और पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जाएगा। श्रद्धालुओं के परिवहन के लिए निर्धारित शुल्क पर बस एवं ई-रिक्शा की सेवा उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य और आपात सेवाएं रहेंगी मुस्तैद स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि मेला स्थल पर एंबुलेंस, स्ट्रेचर, मेडिकल कैंप और चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक दवाओं का पूरा स्टॉक रखा जाए। टेंट सिटी से लेकर AI काउंटर तक, आधुनिक सुविधाएं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्म कुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल, गढ़ महादेव, वैतरणी और PHED कैंपस सहित अनेक स्थानों पर वाटरप्रूफ यात्री शेड (टेंट सिटी) का निर्माण किया जाएगा। खान-पान के लिए कैंटीन, दीदी की रसोई और सस्ती रोटी काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। खोए हुए व्यक्तियों को परिजनों से मिलाने के लिए सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा AI काउंटर, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को सहायता मिलेगी। वैतरणी घाट और शाही स्नान पर विशेष ध्यान जिला पदाधिकारी ने कहा कि वैतरणी घाट की साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य हर हाल में समय से पूर्ण किया जाए। शाही स्नान के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे और प्रवेश-निकास द्वारों पर कड़ी चौकसी रखी जाएगी। ब्रह्म कुंड में प्राकृतिक जलधारा की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। मेला में उच्च-स्तरीय हाई मास्ट लाइटिंग, बैरिकेडिंग, मोबाइल शौचालय, चेंजिंग रूम, नियंत्रण कक्ष, हेल्प डेस्क एवं अग्निशमन सेवाओं की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।


