मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर फाइनल फायर सेफ्टी जांच पूरी हो गई है। अब यह स्टेशन आग से जुड़ी सुरक्षा के मामले में पूरी तरह तैयार माना जा रहा है। यह जांच स्टेशन शुरू होने से पहले की सबसे जरूरी प्रक्रियाओं में से एक थी। इसके पूरा होने के बाद पटना मेट्रो के संचालन की राह और साफ हो गई है। डीएफओ खुद पहुंचे, हर कोना देखा जिला अग्निशमन पदाधिकारी (DFO) रितेश कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ स्टेशन पहुंचे। उनके साथ Patna Metro Rail Corporation (PMRCL) और Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) के अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की गई। अधिकारियों ने स्टेशन के हर हिस्से में जाकर खुद सिस्टम ऑन कर के देखा कि सब कुछ ठीक से काम कर रहा है या नहीं। क्या-क्या चेक किया गया? फायर सेफ्टी जांच के दौरान कई अहम चीजों को परखा गया। स्मोक डिटेक्टर सही समय पर अलर्ट दे रहे हैं या नहीं फायर अलार्म बजते ही कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंच रही है या नहीं स्प्रिंकलर सिस्टम ठीक से पानी छोड़ रहा है या नहीं हाइड्रेंट पाइपलाइन और फायर पंप काम कर रहे हैं या नहीं बिजली के पैनल और वायरिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं या नहीं अधिकारियों ने साफ किया कि अगर कहीं भी छोटी सी भी कमी मिलती, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाता। इमरजेंसी में कैसे निकलेगी भीड़? इसकी भी जांच मेट्रो स्टेशन पर एक साथ सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में अगर कभी इमरजेंसी हो जाए तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जिट गेट खोले और जांचे गए, सीढ़ियों और रास्तों की चौड़ाई देखी गई, इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम को टेस्ट किया गया, दिशा बताने वाले साइन बोर्ड की विजिबिलिटी चेक की गई, इवैक्यूएशन प्लान के मुताबिक लोगों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था परखी गई। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। स्टेशन के हर लेवल पर बारीकी से निरीक्षण टीम ने सिर्फ प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्टेशन के हर हिस्से की जांच की। एंट्री और एग्जिट गेट, पंप रूम, ग्राउंड फ्लोर, कॉनकोर्स लेवल प्लेटफॉर्म एरिया और हर जगह लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को ऑन कर के देखा गया और उनकी कार्यक्षमता जांची गई। अब फायर एनओसी की औपचारिकता यह निरीक्षण फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने से पहले की अंतिम प्रक्रिया थी। फायर एनओसी मिलने के बाद अगला बड़ा कदम होगा सीएमआरएस (Commissioner of Metro Railway Safety) का निरीक्षण। सीएमआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्टेशन को आम जनता के लिए खोला जा सकेगा। पटना मेट्रो प्रशासन का कहना है कि दिल्ली मेट्रो के अनुभव का पूरा लाभ लिया जा रहा है ताकि राजधानी के लोगों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक यात्रा मिल सके। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर फाइनल फायर सेफ्टी जांच पूरी हो गई है। अब यह स्टेशन आग से जुड़ी सुरक्षा के मामले में पूरी तरह तैयार माना जा रहा है। यह जांच स्टेशन शुरू होने से पहले की सबसे जरूरी प्रक्रियाओं में से एक थी। इसके पूरा होने के बाद पटना मेट्रो के संचालन की राह और साफ हो गई है। डीएफओ खुद पहुंचे, हर कोना देखा जिला अग्निशमन पदाधिकारी (DFO) रितेश कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ स्टेशन पहुंचे। उनके साथ Patna Metro Rail Corporation (PMRCL) और Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) के अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की गई। अधिकारियों ने स्टेशन के हर हिस्से में जाकर खुद सिस्टम ऑन कर के देखा कि सब कुछ ठीक से काम कर रहा है या नहीं। क्या-क्या चेक किया गया? फायर सेफ्टी जांच के दौरान कई अहम चीजों को परखा गया। स्मोक डिटेक्टर सही समय पर अलर्ट दे रहे हैं या नहीं फायर अलार्म बजते ही कंट्रोल रूम तक सूचना पहुंच रही है या नहीं स्प्रिंकलर सिस्टम ठीक से पानी छोड़ रहा है या नहीं हाइड्रेंट पाइपलाइन और फायर पंप काम कर रहे हैं या नहीं बिजली के पैनल और वायरिंग पूरी तरह सुरक्षित हैं या नहीं अधिकारियों ने साफ किया कि अगर कहीं भी छोटी सी भी कमी मिलती, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाता। इमरजेंसी में कैसे निकलेगी भीड़? इसकी भी जांच मेट्रो स्टेशन पर एक साथ सैकड़ों लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में अगर कभी इमरजेंसी हो जाए तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जिट गेट खोले और जांचे गए, सीढ़ियों और रास्तों की चौड़ाई देखी गई, इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम को टेस्ट किया गया, दिशा बताने वाले साइन बोर्ड की विजिबिलिटी चेक की गई, इवैक्यूएशन प्लान के मुताबिक लोगों की सुरक्षित निकासी की व्यवस्था परखी गई। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। स्टेशन के हर लेवल पर बारीकी से निरीक्षण टीम ने सिर्फ प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्टेशन के हर हिस्से की जांच की। एंट्री और एग्जिट गेट, पंप रूम, ग्राउंड फ्लोर, कॉनकोर्स लेवल प्लेटफॉर्म एरिया और हर जगह लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को ऑन कर के देखा गया और उनकी कार्यक्षमता जांची गई। अब फायर एनओसी की औपचारिकता यह निरीक्षण फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने से पहले की अंतिम प्रक्रिया थी। फायर एनओसी मिलने के बाद अगला बड़ा कदम होगा सीएमआरएस (Commissioner of Metro Railway Safety) का निरीक्षण। सीएमआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्टेशन को आम जनता के लिए खोला जा सकेगा। पटना मेट्रो प्रशासन का कहना है कि दिल्ली मेट्रो के अनुभव का पूरा लाभ लिया जा रहा है ताकि राजधानी के लोगों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक यात्रा मिल सके।


