मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में कला एवं संस्कृति विभाग, पटना के तत्वावधान में एक दिवसीय मकर संक्रांति-सह-बसंत उत्सव का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता (एडीएम) मनोज कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में एडीएम मनोज कुमार ने कहा कि बिहार सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने भारतीय सभ्यता में संस्कृति के महत्व पर जोर दिया और कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं ने समाज को सभ्य और संगठित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रतिभागियों से कला और संस्कृति को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या ने बताया कि भारत उत्सवों और पर्वों का देश है, जहां प्रत्येक त्योहार सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बसंत उत्सव का आयोजन युवाओं और कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इस अवसर पर शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प, मूर्तिकला, फैशन शो और चित्रकला सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कुल 160 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। आयोजन के दौरान सात वर्षीया साक्षी ने लोकगीत पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी सराहना उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों और दर्शकों ने की। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जारी रहीं और प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित प्रेक्षागृह में कला एवं संस्कृति विभाग, पटना के तत्वावधान में एक दिवसीय मकर संक्रांति-सह-बसंत उत्सव का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता (एडीएम) मनोज कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में एडीएम मनोज कुमार ने कहा कि बिहार सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने भारतीय सभ्यता में संस्कृति के महत्व पर जोर दिया और कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं ने समाज को सभ्य और संगठित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रतिभागियों से कला और संस्कृति को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या ने बताया कि भारत उत्सवों और पर्वों का देश है, जहां प्रत्येक त्योहार सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बसंत उत्सव का आयोजन युवाओं और कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इस अवसर पर शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प, मूर्तिकला, फैशन शो और चित्रकला सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कुल 160 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। आयोजन के दौरान सात वर्षीया साक्षी ने लोकगीत पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी सराहना उपस्थित अधिकारियों, अभिभावकों और दर्शकों ने की। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जारी रहीं और प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।


