FBI Blocks ISIS Plot: अमेरिका में नए साल 2026 के जश्न से ठीक पहले एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। नॉर्थ कैरोलिना के मिंट हिल इलाके में रहने वाला18 साल के युवक क्रिश्चियन स्टरडिवेंट को एफबीआई (FBI) ने गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से प्रभावित होकर न्यू ईयर ईव पर जानलेवा हमला करने की योजना बना रहा था।
सोशल मीडिया के जरिए ISIS से प्रभावित हुआ आरोपी
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, क्रिश्चियन स्टरडिवेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ISIS की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ था। उसने खुद को ISIS का ‘सोल्जर’ बताना शुरू कर दिया था। दिसंबर 2025 में उसने कई ऑनलाइन पोस्ट साझा किए थे, जिनमें गैर-मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत भरी और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
फूड रेस्टोरेंट और स्टोर को बनाया था निशाना
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी जिहाद की बातें करते हुए हथौड़े और चाकू जैसे हथियारों से हमला करने की योजना बना रहा था। एफबीआई की जांच में सामने आया कि उसका निशाना नॉर्थ कैरोलिना का एक किराना स्टोर और एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट था, जहां वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता था।
नोटबुक से सामने आया सच
29 दिसंबर को एफबीआई और स्थानीय पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी की। इस दौरान उसके कमरे से ‘नया साल हमला 2026’ नाम की एक नोटबुक बरामद हुई, जिसमें 20 से अधिक लोगों को निशाना बनाने की साजिश विस्तार से लिखी गई थी। नोटबुक में यह भी दर्ज था कि हमले के बाद वह पुलिस पर हमला करने की कोशिश करेगा, ताकि खुद को ISIS के लिए ‘शहीद’ साबित कर सके।
हथियार, मास्क और कई सामान जब्त
हालांकि आरोपी के परिवार के एक सदस्य ने कुछ हथियार छुपा दिए थे, लेकिन तलाशी के दौरान उसके कमरे से हथौड़े, चाकू, टारगेट की सूची, कपड़े, दस्ताने और मास्क जैसे कई संदिग्ध सामान बरामद किए गए। यह सभी चीजें हमले की तैयारी की ओर इशारा करती हैं।
संयुक्त कार्रवाई से टला खतरा
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी एफबीआई, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त सतर्कता का नतीजा है। समय पर की गई इस कार्रवाई से न्यू ईयर के मौके पर एक बड़े आतंकी हमले को सफलतापूर्वक रोका जा सका।
20 साल की हो सकती है सजा
अगर क्रिश्चियन स्टरडिवेंट पर लगे आरोप अदालत में साबित हो जाते हैं, तो उसे 20 साल तक की संघीय जेल की सजा हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मामला घरेलू आतंकवाद के खतरे को गंभीरता से लेने की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।


