Gadchiroli में 11 Naxals का बड़ा सरेंडर, ₹68 लाख के इनामी उग्रवादियों ने डाले हथियार

Gadchiroli में 11 Naxals का बड़ा सरेंडर, ₹68 लाख के इनामी उग्रवादियों ने डाले हथियार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में गुरुवार को पांच वरिष्ठ सदस्यों समेत ग्यारह माओवादी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की गतिविधियों में आई भारी गिरावट को दर्शाता है। इस समूह में छह महिलाएं शामिल थीं और इन पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गढ़चिरोली पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के समक्ष अपने हथियार डाल दिए।

इसे भी पढ़ें: Naxalism Eradication 2026 | बस्तर की धरती से उखड़ने वाली हैं नक्सलियों की जड़ें! विदा होगा गन और ग्रेनेड का दौर, डिप्टी सीएम का बड़ा एलान

एक साल में जिले में कुल 123 सशस्त्र माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

छत्तीसगढ़ से सटी सीमा वाले गढ़चिरोली जिले में कभी नक्सली गतिविधियां काफी प्रचलित थीं। हालांकि, पुलिस का अब दावा है कि ऐसी गतिविधियां भामरागड उपमंडल के सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी सदस्य सोनी उर्फ ​​बाली वट्टे मट्टामी (45) और एरिया कमेटी सचिव बुदारी उर्फ ​​रामबत्ती मट्टामी (40) के अलावा सुखलाल कोकसा (31), शांति उर्फ ​​सोमारी तेलामी (28), यमुनाक्का उर्फ ​​रुखमक्का पेंदाम (60), गणेश कोवासी (21), मिनाको उर्फ ​​जमानी मट्टामी (22), धनु वेलंजे (38), सुनीता उर्फ ​​वांगे होयम (25), रमेश मडावी (28) और किशोर शामिल हैं। 
पुलिस ने पिछले साल अक्टूबर में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जब वरिष्ठ माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति ने 61 अन्य वरिष्ठ कैडरों के साथ गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने शेष माओवादी सदस्यों से हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा के समाज में लौटने का आग्रह किया।

अमित शाह ने मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान और विकास प्रयासों को तेज करने की योजना बना रही है। पिछले कुछ वर्षों में नक्सलियों से जुड़ी घटनाओं में काफी कमी आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *