राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकित शर्मा ने लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत दो थाना प्रभारियों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि महिला थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस फेरबदल में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम को कोतवाली थाना प्रभारी के पद से हटाकर बागनदी थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक मिलन सिंह को बागनदी थाना प्रभारी से स्थानांतरित कर कोतवाली थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक गंभीर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक गीतांजलि सिन्हा को निलंबित किया गया है। यह मामला 12 मार्च को डेढ़ साल की एक लावारिस बच्ची को लेकर महिला थाने पहुंचे दो आवेदकों से जुड़ा है। आरोप है कि थाना प्रभारी सिन्हा ने विधिसम्मत कार्रवाई करने या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के बजाय आवेदकों को डायल-112 या चाइल्ड हेल्पलाइन पर कॉल करने को कह दिया था। इस घोर लापरवाही के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र संबद्ध किया गया है। इसी क्रम में कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 926 चंद्रेश सिन्हा पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन पर कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप है। प्रधान आरक्षक सिन्हा पर आरोप है कि उन्हें 12 मार्च 2026 को एक नाबालिग बच्चे को बालगृह में रखे जाने की सूचना मिली थी, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी थाना प्रभारी या अन्य स्टाफ को नहीं दी। इस लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित कर रक्षित केंद्र भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों निलंबन मामलों में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) को निर्देश दिए गए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर प्राथमिक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।


