जबलपुर की गलियों में अवैध रूप से बन और बिक रही शराब को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने रविवार रात संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है बल्कि अवैध शराब भट्टी को नष्ट भी किया है।
संभाग कमिश्नर के निर्देश पर जबलपुर कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में पुलिस एवं आबकारी की संयुक्त टीम की शराब बनाने के ठिकानों पर दबिश देते हुए शराब बनाने के उपकरण को जब्त करते हुए लाहन को नष्ट किया। बता दें कि दो दिन पहले ही दैनिक भास्कर ने मामले की खबर चलाई और पुलिस ने यह कार्रवाई की। दैनिक भास्कर ने खबर दिखाई थी कि शहर के एक बड़े इलाके में शराब पीने के कारण युवाओं की मौत हो रही है। प्रशासन ने भी जांच में पाया कि अत्यधिक शराब पीने से लगातार मौत हो रही है। लिहाजा अवैध शराब बिक्री और बनाने को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कुचबंदिया मोहल्ले में छापा मारा। इस दौरान 5 सीएसपी, 10 थानों के टीआई सहित 150 अधिकारी- कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में आबकारी विभाग की टीम मौजूद रही। आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1) (च) के तहत प्रकरण कायम कर महुआ लाहन नष्ट करते हुए देसी / कच्ची हाथ भट्टी शराब को नष्ट किया गया। घमापुर में एक युवक शराब बेचने की फिराक में खड़ा हुआ है। यह सूचना मिलने पर जब मौके पर दबिश दी गई तो एक युवक मिला जो कि पुलिस को देखकर भागने लगा। घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया तो उसने अपना नाम आदित्य बर्मन बताया। उसके पास से 18 पाव देसी शराब जब्त की गई। पूछताछ में उसने बताया कि कुचबंदिया मोहल्ले में अवैध रूप से ना सिर्फ शराब बिकती है, बल्कि बनाई भी जाती है। इसके बाद पुलिस ने आबकारी विभाग के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से शराब विक्रेताओं को पकड़कर बड़ी मात्रा में शराब बरामद की। पुलिस और आबकारी ने हनुमान होटल के पास डब्बू ठाकुर के घर पर दबिश देते हुये सागर चौधरी से देसी शराब बरामद की। इसी तरह कुचबंदिया मोहल्ला से अजीत डुमार से 3 लीटर कच्ची शराब, रीता कुचबंदिया से 3 लीटर कच्ची शराब, कोतवाली में रहने वाले दुर्गा अहिरवार, कृष्णा राय, गौरव बाल्मीक, नरेन्द्र पटेल, आनंद सोनकर को पकड़कर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। ये खबर भी पढ़ें… जबलपुर में ज्यादा शराब पीने से गई 17 जानें जबलपुर के बाबा टोला की संकरी गलियों में सुबह के 7 बजे हैं। शराब की तेज गंध हवा में तैर रही है। कुछ घरों के बाहर सन्नाटा है। कुछ दरवाजों पर मृतकों की तस्वीरें टंगी हैं। यह वही मोहल्ला है, जहां जनवरी 2024 से जनवरी 2026 तक की स्थिति में एक-एक कर 17 लोगों की मौत हुई है। कोई बीमारी से तो किसी की अचानक तबीयत बिगड़ी। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की मौत की जानकारी प्रशासन को लगी तो जांच शुरू की गई।पूरी खबर पढ़ें


