मधुबनी उत्पाद विभाग ने नकली शराब बनाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना दिलीप प्रसाद बारी को गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को नगर थाना क्षेत्र के बारी टोल से पकड़ा गया। विभाग को लंबे समय से उसकी तलाश थी। उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि दिलीप प्रसाद बारी के खिलाफ सदर उत्पाद विभाग में मामला संख्या 447/25 दर्ज है। पिछले साल 14 नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर दिलीप के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। 16.500 लीटर तैयार नकली शराब हुआ था बरामद नवंबर की उस छापेमारी के दौरान, टीम ने दिलीप के घर से भारी मात्रा में नकली शराब बनाने की सामग्री बरामद की थी। इसमें 16.500 लीटर तैयार नकली शराब, 483 बोतल के ढक्कन, 238 विभिन्न ब्रांडों के रैपर और विभिन्न ब्रांडों की खाली बोतलें शामिल थीं। अधीक्षक ने बताया कि आरोपी बड़े पैमाने पर नकली शराब का निर्माण कर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। वह नामी ब्रांडों के रैपर और ढक्कन का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा देता था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकता था। विभाग इस गिरफ्तारी को एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
65 अलग-अलग स्थानों पर चला तलाशी अभियान इसके अतिरिक्त, उत्पाद विभाग ने जिले के 65 अलग-अलग स्थानों पर शराब तस्करों और शराबियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चलाया। इस विशेष कार्रवाई में 7 शराब तस्करों और 8 शराबियों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान तस्करों के पास से शराब की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे 6 वाहन भी जब्त किए गए। इस अभियान में कुल 225 लीटर देशी और 63 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई है। उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आगामी होली के त्योहार को देखते हुए शराब माफिया सक्रिय हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए पूरी टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले में विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और शराब के अवैध कारोबार को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मधुबनी उत्पाद विभाग ने नकली शराब बनाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना दिलीप प्रसाद बारी को गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को नगर थाना क्षेत्र के बारी टोल से पकड़ा गया। विभाग को लंबे समय से उसकी तलाश थी। उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर ने बताया कि दिलीप प्रसाद बारी के खिलाफ सदर उत्पाद विभाग में मामला संख्या 447/25 दर्ज है। पिछले साल 14 नवंबर को गुप्त सूचना के आधार पर दिलीप के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। 16.500 लीटर तैयार नकली शराब हुआ था बरामद नवंबर की उस छापेमारी के दौरान, टीम ने दिलीप के घर से भारी मात्रा में नकली शराब बनाने की सामग्री बरामद की थी। इसमें 16.500 लीटर तैयार नकली शराब, 483 बोतल के ढक्कन, 238 विभिन्न ब्रांडों के रैपर और विभिन्न ब्रांडों की खाली बोतलें शामिल थीं। अधीक्षक ने बताया कि आरोपी बड़े पैमाने पर नकली शराब का निर्माण कर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। वह नामी ब्रांडों के रैपर और ढक्कन का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा देता था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकता था। विभाग इस गिरफ्तारी को एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
65 अलग-अलग स्थानों पर चला तलाशी अभियान इसके अतिरिक्त, उत्पाद विभाग ने जिले के 65 अलग-अलग स्थानों पर शराब तस्करों और शराबियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चलाया। इस विशेष कार्रवाई में 7 शराब तस्करों और 8 शराबियों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान तस्करों के पास से शराब की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे 6 वाहन भी जब्त किए गए। इस अभियान में कुल 225 लीटर देशी और 63 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई है। उत्पाद अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आगामी होली के त्योहार को देखते हुए शराब माफिया सक्रिय हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए पूरी टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले में विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और शराब के अवैध कारोबार को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।


