Mahtari Vandan Yojana: ई-केवायसी के लिए ओपन नहीं हुआ पोर्टल, 2000 महिलाओं का काटा गया नाम

Mahtari Vandan Yojana: ई-केवायसी के लिए ओपन नहीं हुआ पोर्टल, 2000 महिलाओं का काटा गया नाम

Mahtari Vandan Yojana: महतारी वंदन योजना के तहत जिले में ई-केवायसी अनिवार्य किए जाने के बाद हितग्राही महिलाएं परेशान हैं। बीते सात दिनों से पोर्टल बंद होने के कारण महिलाएं ई-केवायसी नहीं करा पा रही हैं और उन्हें बार-बार चक्कर लगाना है। जानकारी के अनुसार पूर्व में हुए वेरिफिकेशन के दौरान जिले में करीब 2000 मृत महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए हैं।

शासन ने अब सभी हितग्राहियों के लिए ई-केवायसी प्रक्रिया जरूरी कर दी गई है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। ई-केवायसी के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू नहीं होने से महिलाएं जनसेवा केंद्र और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। कई महिलाएं दूर-दराज के गांवों से पहुंच रही हैं, लेकिन काम नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना की शुरूवात 2024 में हुई। योजना को 2 साल पूरा हो गया है। जिले में 2 लाख लाख 27 हजार 182 हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने का लक्ष्य रखा गया है। ई-केवायसी नहीं होने पर महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो सकती है।

महिलाओं को राहत का इंतजार

इधर अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल बंद है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा। पोर्टल शुरू होते ही ई-केवायसी की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, हितग्राही महिलाओं को राहत का इंतजार है, ताकि वे समय पर योजना का लाभ ले सकें।

इस महीने नहीं आई राशि

रविवार को चाइस सेंटर में ईकेवायसी कराने पहुंची महिला मधु देवांगन, सुशीला सोनी, मुस्कान साहू, पदमनी नेताम ने बताया कि वे पिछले ७ दिन से चाइस सेंटर और निगम दफ्तर का चक्कर काट रही हैं। पोर्टल ओपन नहीं होने से प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। इससे महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं ने बताया कि केवायसी अपडेट नहीं होने से उनके खाते में योजना के तहत १ हजार की राशि नहीं आई है।

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महतारी वंदना योजना से बदली नीलम की जिंदगी

छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदना योजना प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। आरंग विकासखंड के ग्राम नारा मंदिर हसौद की निवासी नीलम देवांगन की कहानी इस योजना की सफलता को बयां करती है। सीमित संसाधनों के बावजूद नीलम ने योजना से मिली राशि का सही उपयोग कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया और आज वह गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। पढे पूरी खबर

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