महोबा। महोबा के पनवाड़ी कस्बे से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर गुटका थूकने की कोशिश कर रहे युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा। तेज रफ्तार ट्रेन से गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद यात्रियों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते एक जिंदगी खत्म हो गई।
जानकारी के अनुसार, शहर के भटीपुरा मोहल्ले निवासी 36 वर्षीय चंद्रप्रकाश को अपनी मां सरोज और पिता जयपाल के साथ पैसेंजर ट्रेन से झांसी जा रहा था। सफर के दौरान सब कुछ सामान्य था और परिवार आपस में बातचीत करते हुए यात्रा का आनंद ले रहा था। लेकिन घुटई और कनकुआं रेलवे स्टेशन के बीच एक छोटी सी लापरवाही ने उसकी जिंदगी छीन ली। बताया जा रहा है कि चलते समय वह ट्रेन के गेट पर पहुंच गया, जहां संतुलन बिगड़ते ही वह नीचे गिर पड़ा और गंभीर हादसे का शिकार हो गया।
बताया जा रहा है कि ट्रेन चलते समय चंद्रप्रकाश को गुटका थूकने की इच्छा हुई, जिसके लिए वह कोच के गेट पर जाकर खड़ा हो गया। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज रफ्तार ट्रेन से सीधे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही यूपी 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पनवाड़ी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता जयपाल ने बताया कि चंद्रप्रकाश चार बेटों में तीसरे नंबर का था और चार साल पहले उसकी शादी हुई थी। इस हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। पत्नी रेखा और चार वर्षीय बेटे रितिक का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और मोहल्ले में भी इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इसे लापरवाही से हुआ हादसा माना जा रहा है।


