बिहार मैट्रिक परीक्षा परिणाम में छात्राओं ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया की माही कुमारी शर्मा ने राज्य में सातवां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। संत टेरेसा स्कूल की छात्रा माही ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) हासिल किए हैं। वह बानूछापर के लक्ष्मी नगर की निवासी हैं। बिना कोचिंग पाई सफलता माही कुमारी के पिता मोहन कुमार पेशे से प्लंबर हैं, जबकि उनकी माता ललिता देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, माही ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। माही ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ-स्टडी के माध्यम से तैयारी की और सफलता पाई। उनका मानना है कि दृढ़ निश्चय और नियमित अध्ययन से बिना कोचिंग के भी शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है। लॉ की पढ़ाई करना चाहती हैं माही माही का सपना आगे चलकर लॉ की पढ़ाई करने का है, ताकि वह समाज में न्याय और सेवा के क्षेत्र में योगदान दे सकें। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और हौसला बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से माता-पिता बेहद भावुक और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बेटियों ने कड़ी मेहनत से पाई सफलता इसी क्रम में, बेतिया के केआर स्कूल की शिवांगी कुमारी और केपीपी. स्कूल की सुनीता कुमारी ने भी 484 अंक (96.8 प्रतिशत) प्राप्त कर संयुक्त रूप से सातवां स्थान हासिल किया है। इन छात्राओं की सफलता ने जिले में शिक्षा के स्तर को नई पहचान दी है। पश्चिमी चंपारण में इस बार भी बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन छात्राओं की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत है और यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। बिहार मैट्रिक परीक्षा परिणाम में छात्राओं ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया की माही कुमारी शर्मा ने राज्य में सातवां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। संत टेरेसा स्कूल की छात्रा माही ने 484 अंक (96.8 प्रतिशत) हासिल किए हैं। वह बानूछापर के लक्ष्मी नगर की निवासी हैं। बिना कोचिंग पाई सफलता माही कुमारी के पिता मोहन कुमार पेशे से प्लंबर हैं, जबकि उनकी माता ललिता देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, माही ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। माही ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ-स्टडी के माध्यम से तैयारी की और सफलता पाई। उनका मानना है कि दृढ़ निश्चय और नियमित अध्ययन से बिना कोचिंग के भी शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है। लॉ की पढ़ाई करना चाहती हैं माही माही का सपना आगे चलकर लॉ की पढ़ाई करने का है, ताकि वह समाज में न्याय और सेवा के क्षेत्र में योगदान दे सकें। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और हौसला बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से माता-पिता बेहद भावुक और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बेटियों ने कड़ी मेहनत से पाई सफलता इसी क्रम में, बेतिया के केआर स्कूल की शिवांगी कुमारी और केपीपी. स्कूल की सुनीता कुमारी ने भी 484 अंक (96.8 प्रतिशत) प्राप्त कर संयुक्त रूप से सातवां स्थान हासिल किया है। इन छात्राओं की सफलता ने जिले में शिक्षा के स्तर को नई पहचान दी है। पश्चिमी चंपारण में इस बार भी बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन छात्राओं की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत है और यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।


