वाराणसी में रविवार की शाम निवेदिता सेवा शिक्षा सदन में गणगौर का बिंदोरा उत्सव मनाया गया। माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से आयोजित बिंदोरा उत्सव में बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं शामिल हुईं। हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच महिलाओं ने सुहाग, सौभाग्य और संस्कृति के पर्व पर आनंद मनाया। गणगौर माता और ईसर जी के पारंपरिक गीतों से कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। महिलाओं ने विशेष उत्साह के बीच “कठे सूं आई गोरा, कठे सूं आया ईसर… गीत की शुरूआत की। इसके बाद गोर ए गणगौर माता खोल किवाड़ी… गाया। गणगौर उत्सव के दौरान कार्यक्रम में उत्साह, भक्ति और पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता के बीच संगीता मुंदड़ा और अनीता डागा ने अंताक्षरी के माध्यम से गणगौर के गीतों की शानदार महफिल सजाई, जिसमें समाज की महिलाओं ने एक से बढ़कर एक सुंदर और मधुर गीतों की प्रस्तुति दी। पूजन दो गणगौर गीत की स्वर लहरियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया। उषा काबरा, कृष्णा भूराडिया, अलका बाहेती, लक्ष्मी लड्ढा, रंजन मुंदड़ा, प्रिया करवा, प्रेमा लड्ढा, रितु धूत शशि राठी, ने अपने मधुर स्वरों से गणगौर माता और ईसर जी की भावपूर्ण मान-मनवार की। इस दौरान शशि नेवर, भारती करवा, सुधा भूराडिया, अलका बाहेती, मंजू राठी, लक्ष्मी लड्ढा, सुनीता राठी, प्रज्ञा बजाज, राजश्री सोमानी, संतोष सारड़ा, निधि सारड़ा, पुष्पा माहेश्वरी महिला संगठन ने बड़ी संख्या में शामिल होकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।


