जमुई के खैरा प्रखंड की कागेश्वर पंचायत में गुरुवार को चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 1001 कलश यात्रा के साथ एक भव्य महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस दौरान बरनार नदी से हजारों कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने कलश उठाकर एक शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा कोड़वारी गांव स्थित पाण्डेश्वर धाम पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ मां भगवती के प्रांगण में कलश स्थापना की गई। इससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया। आयोजकों के अनुसार, यह महायज्ञ नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें दुर्गा पाठ और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ के मुख्य आचार्य कर्जानंद जी महाराज हैं। रणजीत पांडेय, उनकी पत्नी आशा देवी, विंदेश्वरी यादव और उनकी पत्नी कांति देवी यजमान के रूप में शामिल हैं। विद्वान आचार्यों द्वारा गंगा आरती और रामलीला प्रस्तुत की जाएगी धार्मिक कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं। बनारस से आए विद्वान आचार्यों द्वारा गंगा आरती और रामलीला प्रस्तुत की जाएगी। वृंदावन से धर्मेंद्र जी महाराज रासलीला प्रस्तुत करेंगे, जबकि मोहन शरण शास्त्री कथा वाचन करेंगे। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए मेले जैसा माहौल बनाया गया है, जिसमें झूले सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। यह आयोजन 19 मार्च से 28 मार्च तक चलेगा, जिसमें माखन सिंह, कल्याण सिंह, दीपक सिंह सहित कई ग्रामीण सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। जमुई के खैरा प्रखंड की कागेश्वर पंचायत में गुरुवार को चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 1001 कलश यात्रा के साथ एक भव्य महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस दौरान बरनार नदी से हजारों कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने कलश उठाकर एक शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा कोड़वारी गांव स्थित पाण्डेश्वर धाम पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ मां भगवती के प्रांगण में कलश स्थापना की गई। इससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया। आयोजकों के अनुसार, यह महायज्ञ नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें दुर्गा पाठ और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यज्ञ के मुख्य आचार्य कर्जानंद जी महाराज हैं। रणजीत पांडेय, उनकी पत्नी आशा देवी, विंदेश्वरी यादव और उनकी पत्नी कांति देवी यजमान के रूप में शामिल हैं। विद्वान आचार्यों द्वारा गंगा आरती और रामलीला प्रस्तुत की जाएगी धार्मिक कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं। बनारस से आए विद्वान आचार्यों द्वारा गंगा आरती और रामलीला प्रस्तुत की जाएगी। वृंदावन से धर्मेंद्र जी महाराज रासलीला प्रस्तुत करेंगे, जबकि मोहन शरण शास्त्री कथा वाचन करेंगे। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए मेले जैसा माहौल बनाया गया है, जिसमें झूले सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। यह आयोजन 19 मार्च से 28 मार्च तक चलेगा, जिसमें माखन सिंह, कल्याण सिंह, दीपक सिंह सहित कई ग्रामीण सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।


