मगध विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन ‘महासंगम 2026’ को लेकर अब तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 18 अप्रैल 2026 को पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा आयोजन को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। इसमें बिहार सरकार के कई वर्तमान मंत्री, केंद्र सरकार के मंत्री, आईएएस-आईपीएस अधिकारी, अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और विद्वान शामिल होंगे। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए परिसर में कई गतिविधियां भी होंगी। समारोह को लेकर ईक्यूएसी कार्यालय में बुधवार एक अहम बैठक हुई। अध्यक्षता एलुमनाई मीट की समन्वयक प्रो. निभा सिंह ने की। अलग-अलग समितियों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें स्मारिका, रजिस्ट्रेशन, कम्युनिकेशन, अवार्ड और फाइनेंस और स्पॉन्सरशिप समिति के लोग शामिल रहे। सभी विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया गया कि इस बार आयोजन सिर्फ औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसे ऐतिहासिक बनाया जाएगा। सबसे ज्यादा फोकस स्मारिका पर रहा। तय हुआ कि इसे खास रूप दिया जाएगा। इसमें पूर्व छात्रों के संस्मरण शामिल होंगे। उनके पुराने फोटो जोड़े जाएंगे। मगध विश्वविद्यालय के इतिहास को विस्तार से पेश किया जाएगा। संस्थापक कुलपति के विचार भी इसमें जगह पाएंगे। साथ ही विश्वविद्यालय से जुड़े अहम घटनाक्रम और पुराने समाचारों को भी संकलित किया जाएगा। इसके लिए लाइब्रेरी, अखबारों के आर्काइव और छात्र कल्याण कार्यालय के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। फंडिंग को लेकर भी रणनीति साफ हुई। अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों को स्मारिका में विज्ञापन देने के लिए कहा गया है। बड़े व्यवसायिक संस्थानों और गणमान्य लोगों से स्पॉन्सरशिप लेने पर भी जोर दिया गया। मकसद आयोजन को भव्य बनाना है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी तेज करने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए डेटा अपडेट करने को कहा गया। ओवरसीज, लाइफ, ऑर्डिनरी और ऑनरेरी सदस्यता का अलग-अलग रिकॉर्ड तैयार होगा। इसे व्यवस्थित तरीके से ट्रैक किया जाएगा। बैठक में कई वरिष्ठ प्रोफेसर और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की पहचान का अवसर है। समन्वित प्रयास से ‘महासंगम 2026’ को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया मगध विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र सम्मेलन ‘महासंगम 2026’ को लेकर अब तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 18 अप्रैल 2026 को पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा आयोजन को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। इसमें बिहार सरकार के कई वर्तमान मंत्री, केंद्र सरकार के मंत्री, आईएएस-आईपीएस अधिकारी, अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और विद्वान शामिल होंगे। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए परिसर में कई गतिविधियां भी होंगी। समारोह को लेकर ईक्यूएसी कार्यालय में बुधवार एक अहम बैठक हुई। अध्यक्षता एलुमनाई मीट की समन्वयक प्रो. निभा सिंह ने की। अलग-अलग समितियों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें स्मारिका, रजिस्ट्रेशन, कम्युनिकेशन, अवार्ड और फाइनेंस और स्पॉन्सरशिप समिति के लोग शामिल रहे। सभी विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे। बताया गया कि इस बार आयोजन सिर्फ औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसे ऐतिहासिक बनाया जाएगा। सबसे ज्यादा फोकस स्मारिका पर रहा। तय हुआ कि इसे खास रूप दिया जाएगा। इसमें पूर्व छात्रों के संस्मरण शामिल होंगे। उनके पुराने फोटो जोड़े जाएंगे। मगध विश्वविद्यालय के इतिहास को विस्तार से पेश किया जाएगा। संस्थापक कुलपति के विचार भी इसमें जगह पाएंगे। साथ ही विश्वविद्यालय से जुड़े अहम घटनाक्रम और पुराने समाचारों को भी संकलित किया जाएगा। इसके लिए लाइब्रेरी, अखबारों के आर्काइव और छात्र कल्याण कार्यालय के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। फंडिंग को लेकर भी रणनीति साफ हुई। अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों को स्मारिका में विज्ञापन देने के लिए कहा गया है। बड़े व्यवसायिक संस्थानों और गणमान्य लोगों से स्पॉन्सरशिप लेने पर भी जोर दिया गया। मकसद आयोजन को भव्य बनाना है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी तेज करने का निर्देश दिया गया। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए डेटा अपडेट करने को कहा गया। ओवरसीज, लाइफ, ऑर्डिनरी और ऑनरेरी सदस्यता का अलग-अलग रिकॉर्ड तैयार होगा। इसे व्यवस्थित तरीके से ट्रैक किया जाएगा। बैठक में कई वरिष्ठ प्रोफेसर और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की पहचान का अवसर है। समन्वित प्रयास से ‘महासंगम 2026’ को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया


