संभल के सिद्धपीठ मां चामुंडा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की सप्तमी पर मां कालरात्रि की महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यजमानों ने छप्पन भोग प्रसाद अर्पित किया। मंदिर का भवन गेंदे, आम की पत्तियों और चमेली के फूलों से सजाया गया था, जबकि परिसर और बाहरी क्षेत्र लाइटों की रोशनी से जगमगा उठा। बुधवार को संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित 800 साल पुराने मां चामुंडा देवी मंदिर में दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की गई। शाम 7 बजे भगवान श्रीगणेश की आरती के साथ महाआरती शुरू हुई, जो विभिन्न देवी-देवताओं की आरती के बाद रात 8 बजे मां दुर्गा की महाआरती के साथ संपन्न हुई। मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मां के दरबार के कपाट खोले गए। महाआरती में 400 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि पूरे दिन में 3000 से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि को ‘शुभंकरी’ और अंधकार व नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा से सभी प्रकार के भय, संकट और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है, जिससे भक्तों को असीम साहस और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मंदिर परिसर के बाहरी क्षेत्र में 9 दिवसीय मेले का आयोजन भी चल रहा है। यहां प्रसाद और खाने-पीने की दुकानों के साथ-साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए हैं। मंदिर के महंत मुरली सिंह ने बताया कि चैत्र नवरात्र के प्रत्येक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सप्तमी के बाद अष्टमी और शुक्रवार को रामनवमी की पूजा मंदिर में संपन्न होगी। मनोज श्रोतिय ने बताया कि चामुंडा मंदिर में सातवें नवरात्र की पूजा चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने सभी भक्तों से भक्ति भाव से पूजा करने का आग्रह किया। अनुराग शर्मा ने जानकारी दी कि मंदिर में माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ छप्पन भोग का प्रसाद भी अर्पित किया गया है। देखें महाआरती की फोटो…


