मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को डीआरडीए स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को गति देना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतर-विभागीय मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकेगा। बकायादारों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को पांच-पांच बड़े बकायादारों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस आधार पर जिले के 100 बड़े बकायादारों को चिन्हित कर दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रभारी अधिकारी, जिला नीलाम शाखा को समयबद्ध रूप से सूची संकलन सुनिश्चित करने को कहा गया। विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। शेष बचे हुए टोलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया
ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल से जुड़े भू-अर्जन, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और एनओसी संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। समीक्षा में पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सर्वाधिक लंबित आवेदन पाए गए। अनावश्यक विलंब करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग और भू-अर्जन विभाग में सर्वाधिक लंबित सीडब्ल्यूजेसी मामले पाए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने का निर्देश दिया। सेवान्त लाभ की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को डीआरडीए स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को गति देना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतर-विभागीय मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकेगा। बकायादारों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को पांच-पांच बड़े बकायादारों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस आधार पर जिले के 100 बड़े बकायादारों को चिन्हित कर दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रभारी अधिकारी, जिला नीलाम शाखा को समयबद्ध रूप से सूची संकलन सुनिश्चित करने को कहा गया। विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। शेष बचे हुए टोलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया
ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल से जुड़े भू-अर्जन, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और एनओसी संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय जनता दरबार, मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीपीग्राम, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। समीक्षा में पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सर्वाधिक लंबित आवेदन पाए गए। अनावश्यक विलंब करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग और भू-अर्जन विभाग में सर्वाधिक लंबित सीडब्ल्यूजेसी मामले पाए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने का निर्देश दिया। सेवान्त लाभ की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।


