मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कलुआही-उमगांव मुख्य सड़क की जर्जर हालत पर संज्ञान लिया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को एक माह के भीतर सड़क के सभी गड्ढों को भरकर समतल करने का निर्देश दिया है, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने NHAI के संबंधित अभियंता को स्पष्ट रूप से कहा कि कलुआही-उमगांव सड़क के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। साथ ही, उन्होंने बेनीपट्टी-उमगांव सड़क के गड्ढों को भी एक माह के अंदर भरने के लिए पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य यह सड़क वर्तमान में एनएच 227एल में परिवर्तित हो चुकी है, लेकिन इसका निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कलुआही-उमगांव सड़क पर गड्ढों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कलुआही, बासोपट्टी और बेनीपट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों की जर्जरता का स्वयं आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कलुआही-उमगांव मुख्य सड़क की जर्जर हालत पर संज्ञान लिया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को एक माह के भीतर सड़क के सभी गड्ढों को भरकर समतल करने का निर्देश दिया है, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने NHAI के संबंधित अभियंता को स्पष्ट रूप से कहा कि कलुआही-उमगांव सड़क के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। साथ ही, उन्होंने बेनीपट्टी-उमगांव सड़क के गड्ढों को भी एक माह के अंदर भरने के लिए पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य यह सड़क वर्तमान में एनएच 227एल में परिवर्तित हो चुकी है, लेकिन इसका निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कलुआही-उमगांव सड़क पर गड्ढों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कलुआही, बासोपट्टी और बेनीपट्टी क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़कों की जर्जरता का स्वयं आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।


