प्रयागराज NCZCC में ‘माधवी’ नाटक का मंचन:स्त्री संघर्ष की मार्मिक कथा, ‘विरासत’ उत्सव में विजेता सम्मानित

प्रयागराज NCZCC में ‘माधवी’ नाटक का मंचन:स्त्री संघर्ष की मार्मिक कथा, ‘विरासत’ उत्सव में विजेता सम्मानित

प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) में आयोजित सात दिवसीय ‘विरासत कला उत्सव’ के दूसरे दिन भीष्म साहनी का कालजयी नाटक ‘माधवी’ मंचित किया गया। संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के तत्वावधान में प्रस्तुत इस नाटक ने स्त्री संघर्ष की एक मार्मिक गाथा को जीवंत कर दिया। परंपरा आर्ट्स के नाट्य निर्देशक अभिषेक शर्मा के कुशल निर्देशन में यह नाटक महाभारत काल के उस दौर को दर्शाता है, जहाँ माधवी अपने पिता ययाति के वचन और गालव की गुरु दक्षिणा के संकल्प के बीच फंसी हुई है। मंच पर गोरी बनमोरिया ने ‘माधवी’ के चरित्र को जीवंत किया। उनके मौन संघर्ष और त्याग को देखकर पूरा सभागार भावुक हो उठा। नाटक ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या एक स्त्री का अस्तित्व केवल पुरुषों के वचनों की पूर्ति का साधन मात्र है। सशक्त संवादों और सजीव पार्श्व संगीत ने नाटक के प्रभाव को कई गुना बढ़ाया। नाटक में माधवी की भूमिका में गोरी बनमोरिया, गालव के रूप में रोहित शर्मा, महाराज ययाति के किरदार में नवदीप सहोता और गुरु विश्वामित्र के रूप में अनुज चहल ने अपने अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। राज, सुनील चिलवाल और सचिन जैसे अन्य कलाकारों ने भी अपनी छाप छोड़ी। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ प्रयागराज के एडीजी ज्योति नारायण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर ‘सेवा पर्व’ के तहत वाराणसी में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन रेनू राज ने किया। उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय की उपस्थिति ने इस शाम को कला प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बना दिया।

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