शेखपुरा में माहुरी समाज द्वारा मां मथुरासनी महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया। महोत्सव के तहत बुधवार को मुख्य बाजार से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में माहुरी समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां मथुरासनी के जयकारे लगाए। माहुरी समाज के लोग प्रत्येक वर्ष अपनी कुलदेवी मां मथुरासनी की भव्य पूजा-अर्चना महोत्सव के रूप में करते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें बच्चों के बीच प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा शामिल हैं। इन आयोजनों में समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह महोत्सव हर वर्ष शेखपुरा और बरबीघा में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर शेखपुरा के अलावा बरबीघा, नालंदा, नवादा और लखीसराय जिलों से भी माहुरी समाज के लोग एकजुट होकर पहुंचते हैं और मां मथुरासनी की पूजा-अर्चना करते हैं। महोत्सव का समापन 15 मार्च को होगा, जिसके अवसर पर भी कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शेखपुरा में माहुरी समाज द्वारा मां मथुरासनी महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया। महोत्सव के तहत बुधवार को मुख्य बाजार से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में माहुरी समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां मथुरासनी के जयकारे लगाए। माहुरी समाज के लोग प्रत्येक वर्ष अपनी कुलदेवी मां मथुरासनी की भव्य पूजा-अर्चना महोत्सव के रूप में करते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें बच्चों के बीच प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा शामिल हैं। इन आयोजनों में समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह महोत्सव हर वर्ष शेखपुरा और बरबीघा में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर शेखपुरा के अलावा बरबीघा, नालंदा, नवादा और लखीसराय जिलों से भी माहुरी समाज के लोग एकजुट होकर पहुंचते हैं और मां मथुरासनी की पूजा-अर्चना करते हैं। महोत्सव का समापन 15 मार्च को होगा, जिसके अवसर पर भी कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


