बक्सर के लकी को JEE मेंस में मिले 99.634 पर्सेंटाइल:2 साल पहले मैथ्स के बोर्ड एग्जाम में आए 100 में 100 मार्क्स

बक्सर के लकी को JEE मेंस में मिले 99.634 पर्सेंटाइल:2 साल पहले मैथ्स के बोर्ड एग्जाम में आए 100 में 100 मार्क्स

बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी लकी राज ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस में 99.634 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। मात्र 17 वर्ष की उम्र में मिली इस उपलब्धि से उन्होंने जिले के शीर्ष सफल अभ्यर्थियों में स्थान बनाया है। लकी के पिता राकेश कुमार केशरी एक डीलरशिप व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता वंदना देवी गृहिणी हैं। लकी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डुमरांव से प्राप्त की थी। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई कैम्ब्रिज स्कूल से पूरी की, जहां वे शुरू से ही मेधावी छात्र रहे। लकी ने 95.24 प्रतिशत अंक प्राप्त किए वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा में लकी ने 95.24 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। खास बात यह रही कि गणित विषय में उन्होंने शत-प्रतिशत (100 में 100) अंक हासिल किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालय द्वारा उन्हें दो बार सम्मानित किया गया और अकादमिक अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। उच्च स्तरीय तैयारी के लिए कोटा का रुख किया दसवीं के बाद, लकी ने उच्च स्तरीय तैयारी के लिए कोटा का रुख किया, जहां उन्होंने जेईई की तैयारी को नई दिशा दी। वे वर्तमान में कैम्ब्रिज स्कूल डुमरांव से ही बारहवीं की पढ़ाई भी कर रहे हैं। उनकी सफलता के पीछे परिवार का सहयोग और उनकी निरंतर मेहनत अहम रही है। उनके बड़े पिताजी बीरेंद्र प्रसाद केशरी और दादा भोला केशरी ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। कॉर्पोरेट सेक्टर में बड़े पद पर काम करने का है सपना लकी का सपना देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई कर कॉर्पोरेट सेक्टर में बड़े पद पर काम करने का है। उनका मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में नवाचार और कॉर्पोरेट जगत में काम कर भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। जहां अधिकांश छात्र यूपीएससी या बीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाते हैं, वहीं लकी ने एक अलग राह चुनने का निर्णय लिया है। उनका विश्वास है कि ईमानदारी और समर्पण के साथ निजी क्षेत्र में भी समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी लकी राज ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस में 99.634 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। मात्र 17 वर्ष की उम्र में मिली इस उपलब्धि से उन्होंने जिले के शीर्ष सफल अभ्यर्थियों में स्थान बनाया है। लकी के पिता राकेश कुमार केशरी एक डीलरशिप व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता वंदना देवी गृहिणी हैं। लकी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डुमरांव से प्राप्त की थी। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई कैम्ब्रिज स्कूल से पूरी की, जहां वे शुरू से ही मेधावी छात्र रहे। लकी ने 95.24 प्रतिशत अंक प्राप्त किए वर्ष 2024 की बोर्ड परीक्षा में लकी ने 95.24 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। खास बात यह रही कि गणित विषय में उन्होंने शत-प्रतिशत (100 में 100) अंक हासिल किए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालय द्वारा उन्हें दो बार सम्मानित किया गया और अकादमिक अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। उच्च स्तरीय तैयारी के लिए कोटा का रुख किया दसवीं के बाद, लकी ने उच्च स्तरीय तैयारी के लिए कोटा का रुख किया, जहां उन्होंने जेईई की तैयारी को नई दिशा दी। वे वर्तमान में कैम्ब्रिज स्कूल डुमरांव से ही बारहवीं की पढ़ाई भी कर रहे हैं। उनकी सफलता के पीछे परिवार का सहयोग और उनकी निरंतर मेहनत अहम रही है। उनके बड़े पिताजी बीरेंद्र प्रसाद केशरी और दादा भोला केशरी ने भी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। कॉर्पोरेट सेक्टर में बड़े पद पर काम करने का है सपना लकी का सपना देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई कर कॉर्पोरेट सेक्टर में बड़े पद पर काम करने का है। उनका मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में नवाचार और कॉर्पोरेट जगत में काम कर भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। जहां अधिकांश छात्र यूपीएससी या बीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लक्ष्य बनाते हैं, वहीं लकी ने एक अलग राह चुनने का निर्णय लिया है। उनका विश्वास है कि ईमानदारी और समर्पण के साथ निजी क्षेत्र में भी समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।  

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