लखनऊ में रमजान के मुबारक महीने में इबादत का दौर जारी है। शहर में पांच पारा तरावीह की नमाज का पहला दौर मुकम्मल हुआ। ईद गाह ऐशबाग स्थित जामा मस्जिद, मस्जिद दरगाह शाहमीना शाह, मदीना मस्जिद तरकारी मंडी, दरगाह दादा मियां सदर समेत विभिन्न मस्जिदों में पहले दौर में 5 पारा तरावीह की नमाज शुरू पूरी हुई । 6 रमजान से दूसरे दौर की तरावीह शुरू हो गई। ‘कुरान इंसानों की भलाई के लिए’ इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने लोगों को पहले दौर की तरावीह मुकम्मल करने पर मुबारकबाद दिया । उन्होंने कहा कि कुरान और रमजान का आपस में गहरा सम्बन्ध हे। इसी महीने में अल्लाह ने इंसानों की भलाई और मार्गदर्शन के लिए कुरान को दुनिया में उतारा । कुरान ऐसी पवित्र और सम्मानित किताब है जो भी इसके साये में आयेगा वह महफूज (सुरक्षित) हो जायेगा । जिसने भी अपनी जिन्दगी इस के अनुसार गुजारा उसका जीवन खुशहाल रहेगा और गुनाहों से बचा रहेगा। ‘कुरआन को जीवन में लागू करें’ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि तरावीह की नमाज में कुरान सुनना और सुनाना दोनों ही बहुत नेक काम है। वो सभी लोग बधाई के पात्र हैं जो इस नेक कार्य में शामिल हैं। कुरान जो मूल रूप से अरबी भाषा में है पूरे विश्व में लोग इस किताब को पढ़ते हैं। कुरान को समझ कर या उसके ट्रांसलेशन को पढ़ने से सवाब और अधिक बढ़ जाता है। रमजान के महीने में इस किताब को पढ़ने से सवाब अधिक मिलता है और लोगों की नेक काम में दिलचस्पी बढ़ती है। इस किताब में हर चीज के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है आवश्यकता इस बात की है लोग इसे समझकर पढ़ें और अपने जीवन में लागू करें।


