सहरसा में LPG किल्लत खत्म, आपूर्ति बढ़ी-DPRO:मांग से ज्यादा सिलेंडर उपलब्ध; PNG के लिए 1500 आवेदन

सहरसा में LPG किल्लत खत्म, आपूर्ति बढ़ी-DPRO:मांग से ज्यादा सिलेंडर उपलब्ध; PNG के लिए 1500 आवेदन

सहरसा में रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति मांग से अधिक हो रही है। इसके साथ ही, शहर में पाइपलाइन गैस (पीएनजी) पहुंचाने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रतिदिन 5,204 एलपीजी सिलेंडरों की मांग जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि 22 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसतन 5,204 एलपीजी सिलेंडरों की मांग है, जबकि 6,200 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। पहले उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लगभग 4.4 दिन इंतजार करना पड़ता था, जो अब घटकर 3.8 दिन रह गया है। बेहतर आपूर्ति के कारण गैस संकट पूरी तरह खत्म हो गया है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और गैस कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक शहर में लगभग 1,500 लोगों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के लिए दो विकल्प प्रस्तुत किए हैं। 6,000 रुपये दो साल की किस्तों में जमा करें पहला विकल्प एकमुश्त भुगतान योजना है, जिसके तहत 6,500 रुपये जमा करने होंगे। इसमें 6,000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट और 500 रुपये पेमेंट सिक्योरिटी शामिल है, जो पूरी तरह वापसी योग्य है। दूसरा विकल्प किस्तों में भुगतान का है, जिसमें 1,150 रुपये का अग्रिम भुगतान करके कनेक्शन लिया जा सकता है, और शेष 6,000 रुपये दो साल की किस्तों में जमा किए जाएंगे। यह भी बताया गया कि पुराने ईएमआई या रेंटल स्कीम वाले ग्राहक भी नई योजनाओं में स्विच कर सकते हैं। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 23 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक और विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी 2025 के क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द पाइपलाइन गैस की सुविधा मिल सके। सहरसा में रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति मांग से अधिक हो रही है। इसके साथ ही, शहर में पाइपलाइन गैस (पीएनजी) पहुंचाने की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रतिदिन 5,204 एलपीजी सिलेंडरों की मांग जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि 22 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसतन 5,204 एलपीजी सिलेंडरों की मांग है, जबकि 6,200 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। पहले उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लगभग 4.4 दिन इंतजार करना पड़ता था, जो अब घटकर 3.8 दिन रह गया है। बेहतर आपूर्ति के कारण गैस संकट पूरी तरह खत्म हो गया है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और गैस कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक शहर में लगभग 1,500 लोगों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के लिए दो विकल्प प्रस्तुत किए हैं। 6,000 रुपये दो साल की किस्तों में जमा करें पहला विकल्प एकमुश्त भुगतान योजना है, जिसके तहत 6,500 रुपये जमा करने होंगे। इसमें 6,000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट और 500 रुपये पेमेंट सिक्योरिटी शामिल है, जो पूरी तरह वापसी योग्य है। दूसरा विकल्प किस्तों में भुगतान का है, जिसमें 1,150 रुपये का अग्रिम भुगतान करके कनेक्शन लिया जा सकता है, और शेष 6,000 रुपये दो साल की किस्तों में जमा किए जाएंगे। यह भी बताया गया कि पुराने ईएमआई या रेंटल स्कीम वाले ग्राहक भी नई योजनाओं में स्विच कर सकते हैं। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 23 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक और विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी 2025 के क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द पाइपलाइन गैस की सुविधा मिल सके।  

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