अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना नहीं बन पा रहा है। मध्य प्रदेश: कैटरर्स बोले- ये इमरजेंसी जैसी स्थिति कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से सबसे ज्यादा संकट होटल-रेस्टॉरेंट पर है। वहीं घरेलू रसोई गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी है। जिन घरों में शादी है, वे टेंशन में हैं। अकेले भोपाल में ही 20 दिन में एक हजार से ज्यादा शादियां हैं। कैटरर्स का कहना है कि ये इमरजेंसी जैसी स्थिति है। पूरी खबर पढ़ें उत्तर प्रदेश: पुलिस सुरक्षा में बंट रहे सिलेंडर उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर-सिद्धार्थनगर में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। एजेंसियों पर तड़के 3 बजे से ही लोग लाइन लगाने पहुंच रहे हैं। घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वजह- सिलेंडर कम हैं और लेने वालों की संख्या ज्यादा। पूरी खबर पढ़ें बिहार: लोग सुबह से ही गैस एजेंसी पहुंच रहे यहां भी 2 दिन से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद है। इस वजह से होटल,रेस्टॉरेंट पर असर पड़ा है। घरेलू गैस को लेकर भी राज्य के कई जिलों में लोगों की लंबी कतार दिखी। गोपालगंज, खगड़िया, औरंगाबाद, पटना समेत कई जिलों में लोग सुबह से ही गैस एजेंसी पहुंचने लगे। कई एजेंसियों में ताला लटका है। कोई कर्मचारी भी यहां मौजूद नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें
राजस्थान: 1900 रुपए का सिलेंडर 2500 रुपए में बेचा जा रहा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बिल्कुल बंद हो गई है। ऐसे में अलग-अलग एजेंसी तय दाम से ज्यादा में सिलेंडर की कालाबाजारी कर रही है। भास्कर स्टिंग में खुलासा हुआ कि जयपुर में 1911 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। भास्कर ने जयपुर के एक होटल में आए गैस सप्लायर (इंडेन) का स्टिंग किया। पंजाब: घरेलू सिलेंडरों की भी बुकिंग बंद
लुधियाना और फरीदकोट में सर्वर डाउन होने के कारण घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा फरीदकोट, होशियारपुर और पटियाला समेत कई जिलों में सोमवार से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद है। संकट से निपटने सरकार ने 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक होगा। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सूत्रों का कहना है कि अब उत्पादन 10% बढ़ गया है।
तेल कंपनियां रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बात करेंगी सूत्रों के मुताबिक सरकार ने रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनने के लिए 3 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। इसमें IOC, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शामिल हैं। यह कमेटी एसोसिएशन की कॉमर्शियल गैस सप्लाई से जुड़ी जायज जरूरतों को पूरा करेगी। जरूरत के हिसाब से सप्लाई की प्राथमिकता भी भी फिर से तय करेगी। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है। कब तक सुधरेंगे हालात? इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 मार्च को 115 रुपए बढ़ाए गए थे। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है।
देशभर में LPG की किल्लत, एजेंसी के बाहर लंबी लाइनें:UP-बिहार में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बंट रहे, राजस्थान में कालाबाजारी


