मध्यप्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन से गुजर रही एक ट्रेन से एलपीजी गैस लीकेज हो गई। घटना महाराष्ट्र के पनवेल से बिटौनी जबलपुर के लिए जा रही भारत पेट्रोलियम की एलपीजी गैस से भरी ट्रेन की हैं। खंडवा में ट्रेन का स्टाफ बदला और चेकिंग की गई तो 32 वैगन में से एक वैगन में लीकेज पाया गया। इसकी सूचना तत्काल रेलवे को दी गई। जिला प्रशासन भी अलर्ट हुआ और कलेक्टर-एसपी सहित रेलवे के तमाम अधिकारी घटनास्थल के पास पहुंचे। मौके पर पहुंचे रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हुए और एलपीजी गैस लीकेज वाले वैगन को उन्होंने ट्रेन की बाकी 32 वैगन से अलग किया और दूर ले जाकर उसे आइसोलेट कराया। गीले बारदान और गीली बालू रेत से लीकेज वैगन को ढंक दिया। उधर, बाकी 31 वैगन के साथ एलपीजी गैस ट्रेन को बिटौनी जबलपुर के लिए रवाना किया गया। – 3 घंटे तक चली मशक्कत, डटे रहे अफसर घटना रविवार रात 9.30 बजे की बताई जा रही हैं। उस वक्त एलपीजी गैस के 32 वैगन से भरी ट्रेन खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर थी। इसी दौरान यहां स्टाफ बदला और स्मैल आने पर लीकेज का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही रेलवे के स्थानीय अधिकारी और खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी मनोज कुमार राय स्टेशन पहुंचे। इसके बाद हालात की स्थिति देखने आउटर एरिया में गए। जहां टेक्नीकल टीम की मदद से लीकेज वैगन को अलग कराया। यह मशक्कत करीब 3 घंटे तक चली। रात 12.30 बजे रेलवे और प्रशासन के अधिकारी मौके से रवाना हुए। – फिलहाल बोरियां ढ़की, पीथमपुर से बुलाए एक्सपर्ट कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी। एक वैगन में लीकेज पाया गया। जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। टीम वहां से रवाना हो गई हैं। एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था। बाकी घटनाक्रम के दौरान राजधानी, मंगला एक्सप्रेस सहित 6 ट्रेनें प्रभावित रही। रात 12.30 बजे के बाद आवाजाही फिर से बहाल कर दी गई। देखिए तस्वीरें…


