कटारा हिल्स के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक मुस्लिम युवक द्वारा अपना नाम बदलकर एक हिंदू युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने युवती के अश्लील फोटो और वीडियो भी मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। आरोपी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। जब युवती को उसकी सच्चाई पता चली तो वह ब्लैकमेल करने की धमकी देने लगा। पुलिस के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से बैतूल जिले की रहने वाली है। वह करीब डेढ़ साल से अपने परिवार के साथ बगरोदा में रह रही थी। मूलत: उप्र का रहने वाला आरोपी उबेज उसी इलाके में रहकर एक फैक्टरी में काम करता था। पास-पास रहने के कारण दोनों की पहचान हुई और करीब एक साल पहले प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ। आरोपी उबेज ने खुद को ‘राजा’ बताकर युवती से दोस्ती की थी। उबेज ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने युवती के फोटो-वीडियो बनाएं और वायरल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया। जब युवती को पता चला कि आरोपी का असली नाम राजा नहीं, बल्कि उबेज है, तब उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ब्लैकमेल करता रहा। हिंदू संगठन ने किया पुलिस के हवाले
इधर, कुछ दिन पहले इस पूरे मामले की जानकारी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को लगी। इसके बाद वे दोनों पर नजर रखे हुए थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों को साथ देखकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने युवती की शिकायत पर आरोपी उबेज के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसके जेल भेज दिया है।
गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लव जिहाद के आरोपी को बचाने की कोशिश… हवलदार सस्पेंड डीसीपी जोन-03 ने कोहेफिजा थाने में पदस्थ हवलदार ज्ञानेंद्र द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया है। ज्ञानेंद्र पर आरोप है कि उनके द्वारा लव जिहाद के मामले में आरोपी ओसाफ अली के साथी माज को गिरफ्तारी से बचाने गोपनीय जानकारी लीक की जा रही थी। साथ ही थाने की अन्य गोपनीय जानकारी दीगर थाने के बदमाशों तक पहुंचाई जाती थीं। थाना प्रभारी के प्रतिवेदन पर ज्ञानेंद्र को सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है। कोहेफिजा पुलिस ने 11वीं की छात्रा की शिकायत पर ऐशबाग निवासी 19 वर्षीय ओसाफ अली खान के खिलाफ दुष्कर्म, पाॅक्सो, ब्लैकमेलिंग एवं मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी ओसाफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया था कि ओसाफ ने आपत्ति जनक वीडियो अपने दोस्त माज को दिए थे, जो उसके मोबाइल में थे। प्रतिवेदन में लिखा …
थाना प्रभारी ने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र का आचरण पूर्णत: पुलिस विभाग के विपरीत होकर थाने की गोपनीय जानकारी थाना क्षेत्र एवं दीगर थाना क्षेत्रों में निवासरत बदमाशों को दी जा रही है। आरोपी माज के सहयोगी एक जिम के संचालक के साथ होटल में लंच करना भी पाया गया है। प्रधान आरक्षक के कृत्य से आरोपी माज की गिरफ्तारी में व्यवधान पढ़ रहा है। इस प्रतिवेदन के आधार पर डीसीपी जोन-03 अभिनव चौकसे ने ज्ञानेंद्र द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन्हें डीसीपी जोन-03 कार्यालय भेजा गया है।


