उदयपुर की भूपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को विद्या प्रचारिणी सभा की वार्षिक बैठक में चुनाव को लेकर जोरदार हंगामा हो गया। चुनाव स्थगित कराने की मांग को लेकर नाराज सदस्य मंच पर चढ़ गए और वहीं धरने पर बैठ गए। कई देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। घोषणा नहीं होने तक सदस्य मंच पर ही डटे रहे। इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ एस.एस.सारंगदेवत सहित अन्य पदाधिकारियों ने सदस्यों से काफी समझाइश की लेकिन वे नहीं माने। माहौल गर्माता देख भूपालपुरा थानाधिकारी आदर्श कुमार जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने मामला शांत कराने का प्रयास किया। आखिरकार मामला सभा के चीफ पैटर्न और अध्यक्ष नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ तक पहुंचा। जो फिलहाल जयपुर में विधानसभा सत्र में हैं। उन्होंने चुनाव स्थगित करने के आदेश दिए। तब जाकर मामला शांत हुआ। 54 नए सदस्यों को लेकर है मुख्य विवाद
मुख्य विवाद 54 नए सदस्यों को लेकर है। जिसे लेकर एक दिन पूर्व उदयपुर कोर्ट ने इस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। दरअसल, अपीलकर्ताओं की मांग थी कि 24 फरवरी 2025 की आमसभा में कथित रूप से 54 नए सदस्यों को जोड़ लिया था। इन्हें संस्था की गतिविधियों, मतदारन और कार्यकारिणी चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोका जाए। अपील में ये भी आरोप लगाया था कि संस्था में 48 रिक्त पदों के स्थान पर 54 व्यक्तियों को सदस्य घोषित कर दिया। जबकि कार्यकारिणी की विधिवत अनुशंसा नहीं हुई थी। जबकि दूसरी ओर संस्था ने दलील दी थी कि सदस्यता प्रक्रिया संविधान के अनुरूप पूरी की गई और नाम वार्षिक विवरणिक में प्रकाशित हो चुके हैं। कोर्ट ने इस मामले में अध्यक्ष एवं प्रधान संरक्षक को संस्था संविधान के अनुरूप आवश्यक निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी। कार्यकारिणी काम करेगी, बड़े निर्णय नहीं ले पाएगी: डॉ झाला
सभा सदस्य और बीएन कॉलेज के पूर्व प्रचार्य डॉ. युवराज सिंह झाला ने बताया कि आज कार्यकारिणी का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया। कुछ सदस्यों को अंदेशा था कि चुनाव कराए जा रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं था। चीफ पैटर्न के आदेशानुसार कार्यकारिणी आगामी चुनाव तक काम करती रहेगी लेकिन कोई बड़े निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा। चीफ पैटर्न द्वारा मुझे, बलवंत सिंह शिशवी और नरेन्द्र सिंह तीनों को कार्यकारिणी से अटैच करते हुए साथ काम करने के आदेश दिए हैं।


