MP के 90 हजार फार्मासिस्टों की लगेगी लॉटरी! समान वेतन और प्रमोशन का रास्ता साफ

MP के 90 हजार फार्मासिस्टों की लगेगी लॉटरी! समान वेतन और प्रमोशन का रास्ता साफ

Pharmacist Promotion Equal Pay Policy: अस्पतालों में दवाएं वितरण से लेकर मरीजों को सही इलाज पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले प्रदेश के फार्मासिस्टों को अब समान काम समान वेतन मिलने की संभावनाएं बढ़ गई। जानकरी के अनुसार मध्यप्रदेश के करीब 90 हजार फार्मासिस्टों को जल्द समान कार्य के बदले समान वेतन, पदोन्नति और सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने इस दिशा में केंद्र सरकार को अपना अभिमत भेज दिया है। (MP News)

नीति लागू करने पर सहमति

मप्र स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया है कि फार्मासिस्ट रिकूटमेंट, प्रमोशन एंड सर्विस रेगुलेशन पॉलिसी-2025 को प्रदेश में लागू किया जाना फार्मासिस्टों के हित में है। यह नीति फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई है। इसका उद्देश्य देश में फार्मासिस्टों के लिए समान भर्ती प्रक्रिया, समान वेतन ढांचा और समान पदोन्नति व्यवस्था लागू करना है। इससे फार्मासिस्ट योग्यता के अनुसार देश और प्रदेश में कहीं भी काम कर सकेंगे।

राजपत्रित अधिकारी बनने का अवसर

जानकारी के अनुसार, नीति लागू होने पर फार्मासिस्टों के वेतन में चैनल के अनुसार बढ़ोतरी होगी। प्रदर्शन सही रहने पर पदोन्नति मिलेगी और राजपत्रित अधिकारी के पद तक काम करने का अवसर भी मिल सकता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।

निजी मेडिकल कॉलेजों में बाहरी छात्रों का दबदबा

प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में नीट पीजी (नीट पीजी) दाखिले को लेकर बड़ा बदलाव आया है। निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत से अधिक सीटें अब अन्य राज्यों के छात्रों के लिए आरक्षित हो गई है। इससे प्रदेश के मूल निवासी एमबीबीएस स्नातकों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन हो गई है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ओपन कैटेगरी की 487 सीटें अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है, जबकि केवल 192 सीटें विशेष रूप से मध्य प्रदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए आरक्षित रखी है।

हाईकोर्ट के फैसले से बदला समीकरण

3 सितंबर 2025 को राज्य सरकार ने एक संशोधन पेश किया था जिसका उद्देश्य प्रदेश के एमबीबीएस स्नातकों को 100 प्रतिशत संस्थागत प्राथमिकता देना था। हाई कोर्ट ने इस संशोधन को अमान्य घोषित कर दिया। (MP News)

भारत सरकार को लिखा पत्र

हमारा प्रयास प्रदेश में फार्मेसिस्ट के लिए फार्मासिस्ट रिक्रूटमेंट, प्रमोशन एंड सर्विस रेग्युलेशन पॉलिसी-2025 का लाभ मिले। इसके लिए कोशिश जारी है। इसलिए भारत सरकार को पत्र भी लिखा गया है। – संजय जैन, अध्यक्ष, मप्र स्टेट फार्मसी कौसिल

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