भास्कर न्यूज | जालंधर केंद्रीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए बालवाटिका और पहली कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि 2 अप्रैल निर्धारित की गई है। निर्धारित समय सीमा के बाद सभी आवेदनों की जांच कर पारदर्शी लॉटरी सिस्टम के जरिए चयन किया जाएगा। दाखिले के लिए आयु सीमा तय की गई है। बालवाटिका-3 में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र 5 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, जबकि पहली कक्षा के लिए आयु 6 से 8 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। बालवाटिका की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र सीधे पहली कक्षा में प्रवेश पा सकते हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक निरंतरता बनी रहती है। दूसरी और उससे ऊपर की कक्षाओं में प्रवेश केवल तभी संभव होगा, जब संबंधित कक्षा में सीटें उपलब्ध हों और कुल छात्र संख्या 40 से कम हो। दाखिला प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों के बच्चों का नंबर आता है, जबकि अंत में निजी क्षेत्र या स्वरोजगार करने वाले अभिभावकों के बच्चों के आवेदन पर विचार किया जाता है। सीटों का आवंटन पूरी तरह लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाता है। सबसे पहले आरटीई कोटे की लॉटरी निकाली जाती है, इसके बाद दिव्यांग श्रेणी और फिर अन्य श्रेणियों के लिए क्रमवार ड्रॉ किया जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार होती है।


