अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था में आई बाधाओं के बीच औरंगाबाद में पिछले चार दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर संकट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सुबह-सुबह ही गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर पहुंच जा रहे हैं, लेकिन कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अब 1500-1600 में गैस सिलेंडर मिल रहा है। आज शहर के कई गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखने को मिली। कुछ उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल गया, जबकि कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर लिए बिना वापस लौट गए। इस स्थिति से आम लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में बढ़ी कोयला और वैकल्पिक साधनों की मांग गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच बाजार में वैकल्पिक ईंधनों की मांग तेजी से बढ़ गई है। शहर में लकड़ी, कोयला, इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रिक हीटर की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कोयला कारोबारियों ने बताया कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं की तुलना में होटल और ढाबा संचालकों की ओर से कोयले की खरीदारी ज्यादा हो रही है। गैस की अनिश्चित आपूर्ति के कारण होटल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कोयले का सहारा ले रहे हैं। वर्तमान में बाजार में कोयला 18 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। फुटपाथी दुकानदारों पर सबसे ज्यादा असर गैस संकट का सबसे ज्यादा असर सड़क किनारे फास्ट फूड, चाट और समोसा बेचने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है। शहर में कई जगहों पर पहले की तुलना में फुटपाथी दुकानदारों की संख्या कम दिखाई दे रही है। हालांकि रमेश चौक, बाईपास ओवरब्रिज और गेट स्कूल के आसपास कुछ ठेला दुकानदार घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हुए मिले। दुकानदार रणविजय ने बताया कि उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर 1500 से 1600 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है। गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। कई दुकानदारों ने यह भी बताया कि अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वाले लोग इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। वर्तमान में अवैध रिफिलिंग करने वाले 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गैस भर रहे हैं, जबकि पहले यही गैस करीब 85 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से भरी जाती थी। अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था में आई बाधाओं के बीच औरंगाबाद में पिछले चार दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर संकट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर रोजाना लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सुबह-सुबह ही गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर पहुंच जा रहे हैं, लेकिन कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अब 1500-1600 में गैस सिलेंडर मिल रहा है। आज शहर के कई गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन देखने को मिली। कुछ उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल गया, जबकि कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर लिए बिना वापस लौट गए। इस स्थिति से आम लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में बढ़ी कोयला और वैकल्पिक साधनों की मांग गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच बाजार में वैकल्पिक ईंधनों की मांग तेजी से बढ़ गई है। शहर में लकड़ी, कोयला, इंडक्शन चूल्हा और इलेक्ट्रिक हीटर की बिक्री में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कोयला कारोबारियों ने बताया कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं की तुलना में होटल और ढाबा संचालकों की ओर से कोयले की खरीदारी ज्यादा हो रही है। गैस की अनिश्चित आपूर्ति के कारण होटल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कोयले का सहारा ले रहे हैं। वर्तमान में बाजार में कोयला 18 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। फुटपाथी दुकानदारों पर सबसे ज्यादा असर गैस संकट का सबसे ज्यादा असर सड़क किनारे फास्ट फूड, चाट और समोसा बेचने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा है। शहर में कई जगहों पर पहले की तुलना में फुटपाथी दुकानदारों की संख्या कम दिखाई दे रही है। हालांकि रमेश चौक, बाईपास ओवरब्रिज और गेट स्कूल के आसपास कुछ ठेला दुकानदार घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हुए मिले। दुकानदार रणविजय ने बताया कि उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर 1500 से 1600 रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत बढ़ गई है। गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। कई दुकानदारों ने यह भी बताया कि अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वाले लोग इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। वर्तमान में अवैध रिफिलिंग करने वाले 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गैस भर रहे हैं, जबकि पहले यही गैस करीब 85 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से भरी जाती थी।


