अररिया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रांगण में होने वाली इस लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर त्वरित न्याय प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। परिवहन, वन, विद्युत, श्रम, माप-तौल के अधिकारी लेंगे भाग बैठक में परिवहन, वन, विद्युत, श्रम, माप-तौल और खनन विभागों सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़े लंबित मामलों की सूची तैयार करें और अधिक से अधिक प्रकरणों को लोक अदालत में लाकर समझौते के आधार पर निस्तारित कराएं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागीय विवादों, जैसे बिजली बिल, परिवहन चालान, श्रम विवाद, माप-तौल संबंधी शिकायतें, वन और खनन से जुड़े मामलों को सुलह के माध्यम से जल्द समाप्त करना था। इससे आम जनता को अदालती खर्च और समय की बचत होगी, साथ ही न्यायिक बोझ भी कम होगा। पक्षकार आपसी सहमति से सुलझाते विवाद राष्ट्रीय लोक अदालत भारत सरकार के राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तहत आयोजित एक विशेष व्यवस्था है। इसमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद सुलझाते हैं और अदालत द्वारा दिए गए समझौते को कानूनी दर्जा प्राप्त होता है। सचिव ने पदाधिकारियों से जनता को जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोक अदालत मुफ्त और तेज न्याय प्रदान कर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए लाभकारी साबित होती है। बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपनी तैयारी में तेजी लाएं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ बेंचों के लिए सहयोग करें। अररिया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रांगण में होने वाली इस लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर त्वरित न्याय प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया के सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। परिवहन, वन, विद्युत, श्रम, माप-तौल के अधिकारी लेंगे भाग बैठक में परिवहन, वन, विद्युत, श्रम, माप-तौल और खनन विभागों सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़े लंबित मामलों की सूची तैयार करें और अधिक से अधिक प्रकरणों को लोक अदालत में लाकर समझौते के आधार पर निस्तारित कराएं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागीय विवादों, जैसे बिजली बिल, परिवहन चालान, श्रम विवाद, माप-तौल संबंधी शिकायतें, वन और खनन से जुड़े मामलों को सुलह के माध्यम से जल्द समाप्त करना था। इससे आम जनता को अदालती खर्च और समय की बचत होगी, साथ ही न्यायिक बोझ भी कम होगा। पक्षकार आपसी सहमति से सुलझाते विवाद राष्ट्रीय लोक अदालत भारत सरकार के राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तहत आयोजित एक विशेष व्यवस्था है। इसमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद सुलझाते हैं और अदालत द्वारा दिए गए समझौते को कानूनी दर्जा प्राप्त होता है। सचिव ने पदाधिकारियों से जनता को जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोक अदालत मुफ्त और तेज न्याय प्रदान कर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए लाभकारी साबित होती है। बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपनी तैयारी में तेजी लाएं और आवश्यक दस्तावेजों के साथ बेंचों के लिए सहयोग करें।


