शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद ने 25 युवाओं को रोजगार सृजन के लिए 2.5 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया। यह ऋण राशि उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से संबंधित आवेदकों को दी गई। यह वितरण समाहरणालय परिसर स्थित मंथन सभागार में आयोजित एक शिविर में किया गया। इस अवसर पर पटना से सहायक उद्योग निदेशक अभिषेक कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुजात, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और अन्य बैंक पदाधिकारी मौजूद थे। डीएम की ओर जारी चेक की तस्वीरें… 170 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत कुल 17 आवेदनों के लिए 170 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। वहीं, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 8 आवेदनों के विरुद्ध 80 लाख रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की गई। निष्ठा के साथ संचालन की सलाह
जिला पदाधिकारी के हाथों ऋण स्वीकृति पत्र मिलने से सभी लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्योग स्थापित करने और निष्ठा के साथ उसका संचालन करने की सलाह दी गई। शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद ने 25 युवाओं को रोजगार सृजन के लिए 2.5 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया। यह ऋण राशि उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से संबंधित आवेदकों को दी गई। यह वितरण समाहरणालय परिसर स्थित मंथन सभागार में आयोजित एक शिविर में किया गया। इस अवसर पर पटना से सहायक उद्योग निदेशक अभिषेक कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुजात, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और अन्य बैंक पदाधिकारी मौजूद थे। डीएम की ओर जारी चेक की तस्वीरें… 170 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत कुल 17 आवेदनों के लिए 170 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। वहीं, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 8 आवेदनों के विरुद्ध 80 लाख रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की गई। निष्ठा के साथ संचालन की सलाह
जिला पदाधिकारी के हाथों ऋण स्वीकृति पत्र मिलने से सभी लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्योग स्थापित करने और निष्ठा के साथ उसका संचालन करने की सलाह दी गई।


