Farmer Death Rampur: रामपुर जिले के मिलक तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां गैस सिलेंडर लेने गए एक दिव्यांग किसान की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यह हादसा मंगलवार दोपहर डंडिया चौराहे पर उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग गैस वितरण स्थल पर लाइन में लगे हुए थे। मृतक की पहचान 50 वर्षीय वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के लिए घरेलू गैस सिलेंडर लेने पहुंचे थे, लेकिन यह सामान्य दिन उनके जीवन का अंतिम दिन साबित हुआ।
लाइन में खड़े-खड़े बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, मनौना गांव निवासी वीरेंद्र सिंह अपने धेवते सत्यम के साथ दोपहर करीब 12 बजे गैस सिलेंडर लेने के लिए डंडिया चौराहे पहुंचे थे। वहां पहले से ही लंबी लाइन लगी हुई थी। इसी दौरान लाइन में खड़े-खड़े उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिसकर्मियों को सूचना दी गई।
पुलिस ने दिखाई तत्परता, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उन्हें पास के एक स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचाया। हालांकि प्राथमिक उपचार के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए मिलक के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब दोपहर 2 बजे जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मचा कोहराम
वीरेंद्र सिंह की मौत की खबर जैसे ही शाम करीब 4 बजे उनके घर पहुंची, पूरे परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक साधारण दिन की यह घटना अचानक परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन गई। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे केमरी थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों की मांग पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
पीछे छूट गया भरा-पूरा परिवार
मृतक वीरेंद्र सिंह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से परिवार की आर्थिक मदद और उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि इस दुखद घटना के बाद परिवार को कुछ सहारा मिल सके।


