रायबरेली में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को आधी रात में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। जिला प्रशासन भले ही पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। लोगों को आधी रात को गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर सलोन-जगतपुर मार्ग पर स्थित कहुआ इंडेन गैस एजेंसी पर देखने को मिला। यहां रात करीब 9:30 बजे सैकड़ों ग्रामीण गैस सिलेंडर लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस की निगरानी में आधी रात तक गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया। गैस लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें सिलेंडर मिलने में काफी देरी हो रही है। इस बीच, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी होटलें भी व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। होटल संचालकों का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गैस की आपूर्ति सुचारु कराने और एजेंसियों पर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।


