थर्मल-प्लांट में जान गंवाने वाले ऑपरेटर की पत्नी को आजीवन-पेंशन:कंपनी 5 लाख का मुआवजा भी देगी; बेल्ट में फंसने से हुई थी मौत

थर्मल-प्लांट में जान गंवाने वाले ऑपरेटर की पत्नी को आजीवन-पेंशन:कंपनी 5 लाख का मुआवजा भी देगी; बेल्ट में फंसने से हुई थी मौत

शहर के दाहोद मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सिंटेक्स मिल के थर्मल पावर प्लांट में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद उपजा गतिरोध शुक्रवार दोपहर को समाप्त हो गया। मिल प्रबंधन और परिजनों के बीच मांगों पर सहमति बनने के बाद मृतक का पोस्टमाॅर्टम करवाया गया। ​राजतालाब थानाधिकारी प्रशिक्षु आरपीएस सुहासी जैन ने बताया कि मिल प्रशासन और परिजनों के बीच लंबी वार्ता के बाद समझौता हुआ। जिसमें मृतक की पत्नी को 5 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। परिवार के भरण-पोषण के लिए विधवा को 15 हजार रुपए प्रतिमाह आजीवन पेंशन मिलेगी।​ 28 घंटे चला विरोध ​हादसे के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर गुरुवार रात से ही मिल गेट पर पड़ाव डाल दिया। शुक्रवार सुबह भी बड़ी संख्या में ग्रामीण गेट पर डटे रहे। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। ​मशीन में फंसने से हुआ था हादसा ​गुरुवार को गणाऊ निवासी मोहन खराड़ी उम्र 30 साल की मौत हो गई थी। मोहन मिल में मशीन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे थर्मल प्लांट के बॉयलर में कोयला डालने के दौरान वह अचानक चालू हुई बेल्ट की चपेट में आ गया। बेल्ट में हाथ फंसने के बाद मशीन ने उसे अंदर खींच लिया, जिससे सिर फटने और हाथ उखड़ने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि मिल प्रबंधन ने उन्हें सूचना दिए बिना ही शव को मॉर्च्युरी भेज दिया, जिससे गुस्सा और बढ़ गया। ​7 महीने की गर्भवती पत्नी और 3 मासूम बेटियों के सिर से उठा साया ​मोहन अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी और 3, 5 व 8 साल की तीन मासूम बेटियां हैं। दुखद बात यह है कि उसकी पत्नी 7 महीने की गर्भवती हैं। मोहन की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मोहन के साथ कोई हेल्पर होता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। प्रशिक्षु आरपीएस व राजतालाब थानाधिकारी ​सुहासी जैन समझौते के बाद शुक्रवार दोपहर को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मिल प्रशासन 5 लाख सहायता और 15 हजार मासिक पेंशन देने पर राजी हुआ है। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… थर्मल-पावर-प्लांट में मशीन में फंसा ऑपरेटर; हाथ उखड़ा, सिर फटा:कोयले की बेल्ट में फंसने से मौत; स्टाफ ने दौड़ कर मशीन बंद करवाई बांसवाड़ा में सिंटेक्स मिल थर्मल पावर प्लांट में मशीन चलाते समय ऑपरेटर का हाथ कोयला ले जाने वाले बेल्ट में फंस गया। ऑपरेटर खुद को संभाल पाता इससे पहले ही मशीन ने उसे अंदर खींच लिया। हादसे में उसका हाथ उखड़ गया और सिर बेल्ट में दबने से फट गया। (पढ़ें पूरी खबर)

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