सागर में राहतगढ़ थाना अंतर्गत सीहोरा पुलिस चौकी क्षेत्र में पत्नी की गर्दन काटकर हत्या करने वाले आरोपी पति को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार की अदालत ने आरोपी खूबचंद साहू निवासी टेहरा-टेहरी को 5 हजार रुपए जुर्माने से भी दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार जैन ने पैरवी की। कोटवार की सूचना पर सामने आया था हत्याकांड अभियोजन के मीडिया प्रभारी के अनुसार 27 नवंबर 2024 को ग्राम टेहरा-टेहरी के कोटवार अनुज आठ्या ने राहतगढ़ थाने में सूचना दी थी कि गांव की निवासी सदारानी साहू उम्र 65 वर्ष की गला काटकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव मिला, सिर था गायब पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो आंगन में सदारानी साहू का शव पड़ा मिला, लेकिन सिर मौके पर नहीं था। पुलिस ने धड़ का पंचनामा बनाकर सिर की तलाश शुरू की। छानबीन के दौरान पुलिस को मृतका का सिर गांव के पास ज्वाला माई माता मंदिर जाने वाले रास्ते में एक पेड़ पर रखा मिला। पुलिस ने सिर को जब्त कर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। भजन संध्या के बाद हुई वारदात मामले में मृतका के पुत्र डालचंद ने पुलिस को बताया था कि 26 नवंबर 2024 को वह खेत पर गया था। उसी रात उसके घर भजन संध्या का आयोजन था। कार्यक्रम देर रात तक चला और 27 नवंबर की रात करीब 1 बजे वह घर लौटा। सुबह बेटी ने दी हत्या की जानकारी डालचंद ने बताया कि सुबह उसकी बेटी राजकुमारी ने बताया कि आंगन में उसकी मां का धड़ पड़ा है और सिर गायब है। आसपास तलाश करने पर सिर पेड़ पर रखा मिला। डालचंद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता खूबचंद साहू उसकी मां सदारानी के चरित्र पर शक करते थे। उसे पूरा संदेह था कि पिता ने ही धारदार हथियार से मां की हत्या की है। हत्या के बाद फरार हो गया था आरोपी घटना के बाद आरोपी पति खूबचंद साहू फरार हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान कोर्ट के सामने रखे। अदालत ने सुनाया फैसला दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार की अदालत ने आरोपी पति खूबचंद साहू को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।


