आजमगढ़ में हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास तथा 66000 रूपये की सजा सुनाई। जबकि दो आरोपियों को केवल गाली गुप्ता देने तथा जान से मारने की देने का दोषी पाते हुए दो दो वर्ष कारावास तथा प्रत्येक पन्द्रह हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फॉस्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक अमर सिंह ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर का है। वादी मुकदमा दाऊद अहमद का चचेरा भाई आबिद सड़क किनारे आम की दुकान लगाता था। दुकान लगाने को लेकर आबिद का 15 जून 2020 की सुबह गांव के तुफेल पुत्र जान मुहम्मद,अनस व असहद पुत्रगण तुफैल से विवाद हो गया।विवाद बढ़ने पर असहद व तुफैल के ललकारने पर अनस ने आबिद को गोली मार दी। जिससे आबिद की मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। आठ गवाहों ने दी गवाही इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बिपिन कुमार गिरि ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अनस को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 66000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि तुफैल व असहद को दो वर्ष कारावास तथा पंद्रह हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।


